टाटा वर्कर्स यूनियन के पूर्व अध्यक्ष पीएन सिंह ने बोला वर्तमान अध्यक्ष आर रवि प्रसाद पर हमला, कहा-नोट ऑफ कंक्लूजन को सार्वजनिक करें, क्या मेडिकल एक्सटेंशन बंद करने का जिक्र नोट ऑफ कंक्लूजन में था, मेरे पास एसके बेंजामिन व रघुनाथ पांडेय के कार्यकाल का नोट ऑफ कंक्लूजन है, आकर देख लें, अपनी नाकामी मेरे नाम पर नहीं छिपाये

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जमशेदपुर : टाटा वर्कर्स यूनियन के पूर्व अध्यक्ष पीएन सिंह ने यूनियन के वर्तमान अध्यक्ष आर रवि प्रसाद पर हमला बोला है. यूनियन की मीटिंग में पूर्व अध्यक्ष पीएन सिंह द्वारा 2012 में किये गये वेज रिवीजन समझौता के साथ हस्ताक्षरित तथाकथित नोट ऑफ कंक्लूजन (एनओसी) को आधार बताते हुए सात साल का समझौता करने की बात यूनियन की ओर से कहा गया था. इस मामले को लेकर पीएन सिंह ने प्रतिवाद किया है. श्री सिंह ने कहा है कि पूर्व डिप्टी प्रेसिडेंट, पूर्व उपाध्यक्ष से लेकर तमाम कमेटी मेंबर अध्यक्ष और महामंत्री के पास जा रहे है, फिर क्यों चुप रह रहे है. क्यों नहीं नोट ऑफ कंक्लूजन सार्वजनिक कर रहे है. नोट ऑफ कंक्लूजन वह होता है, जिसमें वेज रिवीजन समझौता के दौरान हुई बातचीत का मुद्दा छूट जाता है, जिस पर औपचारिकतापूर्ण आगे भी बात करने की बातें तय होती है. पीएन सिंह ने कहा कि उस नोट ऑफ कंक्लूजन को अध्यक्ष आर रवि प्रसाद को सार्वजनिक करना चाहिए. अगर यूनियन अध्यक्ष के पास कॉपी नहीं है तो क्यों ऐसा बयानबाजी कर रहे है. अगर है तो सबके सामने रखे और क्या वेज रिवीजन समझौता नोट ऑफ कंक्लूजन के आधार पर होता है कि चार्टर्ड ऑफ डिमांड के आधार पर होता है. वैसे मैं तो एक ही सवाल पूछ रहा हूं कि क्या मेडिकल एक्सटेंशन बंद करने का जिक्र भी नोट ऑफ कंक्लूजन में था, अगर नहीं था तो उसको बंद कैसे करा दिया गया. इस कारण वेज रिवीजन समझौता अपने विवेक से अध्यक्ष आर रवि प्रसाद और उनकी टीम करें, लेकिन मेरे नाम पर अपनी नाकामी छिपाने की कोशिश नहीं करें. उन्होंने कहा कि मेरे पास पूर्व अध्यक्ष स्वर्गीय एसके बेंजामिन के वक्त हुआ वेज रिवीजन समझौता के बाद हस्ताक्षरित नोट ऑफ कंक्लूजन की कॉपी है. पूर्व अध्यक्ष रघुनाथ पांडेय के कार्यकाल में हुए वेज रिवीजन समझौता की कॉपी उनके पास है. लेकिन अध्यक्ष आर रवि प्रसाद को बताना चाहिए कि नोट ऑफ कंक्लूजन क्या है और क्या उसके आधार पर कोई भी वेज रिवीजन समझौता होता है. गलत जानकारी देकर लोगों को बरगलाने के बजाय चीजों को समझने की जरूरत है.

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