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सोमवार, जून 14, 2021
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टाटा स्टील ने ओड़िशा व झारखंड में ग्रीन स्कूल प्रोजेक्ट के लिए टेरी के साथ किया समझौता

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जमशेदपुर : टाटा स्टील ने ग्रीन स्कूल प्रोजेक्ट के तीसरे चरण के लिए ‘द एनर्जी एंडरिसोर्सेज इंस्टीटय़ूट (टीईआरआई-टेरी)’ के साथ एक समझौता (एमओयू) पर हस्ताक्षर किया है. टेरी झारखंड और ओड़िशा में 34 स्कूलों तक प्रोजेक्ट क्षेत्र का प्रभाव बढ़ाएगा. प्रोजेक्ट का तीसरा चरण ओड़िशा के अंगुल में चार नए स्कूलों में लागू किया जाएगा. इसके 9000 से अधिक स्कूली बच्चों, 450 शिक्षकों तक प्रत्यक्ष और समुदाय के 5,00,000 सदस्यों तक अप्रत्यक्ष रूप से पहुंचने की उम्मीद है. एमओयू पर टाटा स्टील के वीपी सीएस चाणक्य चौधरी और टेरी के डीजी अजय माथुर ने नयी दिल्ली में हस्ताक्षर किये. इस अवसर पर अन्नपूर्णा वेंचेश्वरन, सीनियर डायरेक्टर, टेरी और टाटा स्टील रेगुलेटरी अफेयर्स के पंकज सतीजा समेत अन्य लोग उपस्थित थे. पंकज सतीजा ने कहा कि इस प्रोजेक्ट की परिकल्पना 2015 संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन ‘सीओपी 21’ से प्रेरित है. इसमें पिछले दो वर्षो के दौरान महत्वपूर्ण वृद्घि हुई है. इस पहल में बहुत अधिक संभावनाएं देखते हैं और मानते हैं कि स्कूली बच्चों के बीच जैवविविधता और अपशिष्ट प्रबंधन के बड़े संदेश पहुंचाने से न केवल आने वाली पीढ़ियों को संवेदनशील बनाया जा सकता है, बल्कि बड़े पैमाने पर घरों, आस-पड़ोस और समाज के बीच जागरूकता पैदा करने में मदद मिलती है. हमें विश्वास है कि प्रोजेक्ट का तीसरा जागरूकता का विस्तार करेगा और बड़े प्रभाव को संचालित करेगा. एमओयू पर हस्ताक्षर के बाद अजय माथुर ने कहा कि अब प्रोजेक्ट के तीसरे चरण के कार्यान्वयन में प्रवेश कर रहे हैं. व्यापक प्रभाव के लिए शिक्षकों के प्रशिक्षण में काफी संभावनाएं देख रहे हैं. शिक्षक सशक्तीकरण प्रशिक्षण आगे बढ़ने का नुस्खा प्रदान करेगा और इसके माध्यम से हम इसे एक प्रतिरूप बनाने का लक्ष्य रखते हैं. एमओयू के तहत ग्रीन स्कूल प्रोजेक्ट जैवविविधता और अपशिष्ट प्रबंधन के मुद्दों पर ध्यान देने के साथ स्कूल परिसरों और इसके आसपास वांछित प्रभाव प्राप्त करने के लिए चलाये गये क्रिया-कलापों में स्कूल बिरादरी को शामिल करने पर ध्यान केंद्रित करेगा. यह जलवायु परिवर्तन और स्थायी जीवनशैली पर विद्यार्थियों के बीच जागरूकता पैदा करेगा, जो जलवायु परिवर्तन के प्रतिकूल प्रभाव को कम करने में मदद कर सकता है. प्रोजेक्ट का उद्देश्य उनकी महत्वपूर्ण, अंत: विषय और समग्र सोच को बेहतर बनाने के लिए कक्षा और बाहरी गतिविधियों, दोनों के माध्यम से पर्यावरणीय नेतृत्व को बढ़ावा देना है. प्रोजेक्ट का तीसरा चरण शिक्षा, प्रोजेक्ट-आधारित शिक्षा औरसामुदायिक सेवा के माध्यम से अगली पीढ़ी को सशक्त बनाने में मदद करेगा. विद्यार्थियों को स्कूल के भीतर और उनके आसपास के क्षेत्रों में पर्यावरण के लिए स्थायी समान विकसित करने के उपक्रम में संलग्न किया जायेगा, जिसके परिणामस्वरूप संसान-कुशल स्कूल स्थापित होंगे. ग्रीन स्कूल प्रोजेक्ट का उद्देश्य छठी से आठवीं कक्षा के छात्र-छात्राओं के बीच पर्यावरण चेतना के स्तर को बढ़ाना है.

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