auto-sector-इलेक्ट्र‍िक वाहनों के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए मोदी सरकार ने 25.938 करोड़ पैकेज की दी मंजूरी, 7.5 करोड़ लोगों को मिलेंगी नौकरियां

राशिफल

नयी दिल्ली: कोरोना संक्रमण के कारण काफी लंबे समय से परेशान चल रहे ऑटो सेक्टर के लिए बुधवार का दिन अच्छी खबर लेकर आया. मोदी सरकार ने इलेक्ट्र‍िक वाहनों के उत्पादन, हाइड्रोजन फ्यूल व्हीकल उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए प्रोडक्शन लिंक इंसेंटिव के तहत 25,938 करोड़ रुपये मंजूर कर लिये. केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में यह निर्णय लिया गया. सरकारी के अनुसार कैबिनेट के इस फ़ैसले के बाद ऑटो सेक्टर में 7.5 लाख लोगों को नौकरियां मिलेंगी. इससे देश में इलेक्ट्र‍िक वाहनों के उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा.(नीचे भी पढ़े)

विदित हो कि कि ऑटो सेक्टर की हालत पिछले साल से ही खस्ताहाल है. जब देश में कोरोना की वजह से लॉकडाउन लगा था. जानकारी के अनुसार अगस्त महीने में ऑटो सेक्टर की बिक्री में करीब 11 फीसदी की गिरावट आयी है. हालांकि जुलाई में बिक्री का ग्राफ शानदार था. लेकिन अगस्त महीने में बिक्री गिरने के कारण क्या है. जिसके कारण राहत पैकेज के तहत ऑटोमेटिक ट्रांसमिशन, ऑटोमेटिक ब्रेकिंग, इलेक्ट्रॉनिक स्टीयरिंग सिस्टम आदि ऑटो कम्पोनेंट सेक्टर को भी प्रोत्साहन मिलेगा. केंद्र सरकार आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत देश में ही मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए पीएलआई स्कीम के तहत विभिन्न सेक्टर को राहत दे रही है. (नीचे भी पढ़े)

सरकार का महत्वाकांक्षी लक्ष्य यह है कि चीन की तरह भारत भी दुनिया का मैन्युफैक्चरिंग सेंटर बने. सरकार के इस कदम का सबसे पहले फायदा इलेक्ट्र‍िक कार बनाने वाली अमेरिकी कंपनी टेस्ला को मिल सकता है. पीएलआई स्कीम के प्रोत्साहन से टेस्ला भारत में अपने प्रसिद्ध इलेक्ट्र‍िक कार के उत्पादन की शुरुआत कर सकती है. टेस्ला ने यह भी मांग की है कि भारत सरकार इलेक्ट्र‍िक वाहनों पर आयात कर में कटौती करे. हालांकि अभी इस पर सरकार ने निर्णय नहीं लिया है.

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