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unique-story-भारतीय रेलवे के दो बेनाम रेलवे स्टेशन, जहां ट्रेने रुकती तो है पर उसका कोई नाम नहीं, एक तो झारखंड में स्थित है, दूसरा पश्चिम बंगाल में, जानें क्या है इसका पीछे का रोचक तथ्य

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शार्प भारत डेस्क : भारतीय रेलवे का बहुत से ऐसे तथ्य है जो आम लोगों को अभी तक पता नहीं है. इसी के साथ आज हम आपको भारतीय रेलवे की दो ऐसे स्टेशनों के बारे में बताना जा रहे है जिसका कोई नाम ही नहीं है. यानी इस स्टेशनों का निर्माण जब हुआ था, तब उसे नाम दिया गया था परंतु गांव वालों के विवाद के कारण रेल प्रशासन को इसका नाम वापस लेना पड़ गया. इनमें से एक रेलवे स्टेशन झारखंड में स्थित है. तो दूसरा पश्चिम बंगाल से 35 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. इन स्टेशनों पर ट्रेने तो चलती है परंतु इसका नाम बेनाम है. (नीचे भी पढ़ें)

पूर्व में बड़कीचांपी था नाम-
झारखंड के रांची से टोरी जाने वाली रेल लाइन पर यह स्टेशन स्थित है. जिसका कोई नाम नहीं है. इस स्टेशन पर पहली बार 2011 में ट्रेन चलाई गयी थी. जिसके बाद पड़ोसी गांव कमले के लोगों ने इसका विरोध किया. जिसके बाद स्टेशन का कोई नाम नहीं रखा गया. (नीचे भी पढ़ें)

2008 में हुई थी रैनागढ़ रेलवे स्टेशन की शुरुआत-
वहीं दूसरी ओर पश्चिम बंगाल के बर्धमान से करीब 35 किलोमीटर की दूरी पर भी एक स्टेशन है जिसके अभी तक कोई नाम नहीं दिया गया है. ये स्टेशन दो गांवों के बीच विवाद का कारण है. रैना और रैनागढ़ दो गांव है. वहीं इस स्टेशन का नाम पूर्व में रैनागढ़ रखा गया था. वहीं रैना गांव के लोगों को लगता था कि जब इस स्टेशन की बिल्डिंग रैना गांव के जमीन पर बनी है तो इसका नाम भी रैना होना चाहिए ना कि रैनागढ़. इस विरोध के बाद रेलवे बोर्ड ने स्टेशन से साइन बोर्ड ही हटा दिया. इस स्टेशन पर ट्रेनों का परिचालन 2008 के बाद से शुरू हुआ था. 

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