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UPSC-Civil-Services-Examination-2019-Result : यूपीएससी में झारखंड का दबदबा, जमशेदपुर में कई थानों के प्रभारी रहे कमल किशोर के पुत्र व एलएफएस के छात्र प्रियांक किशोर को यूपीएससी में 61वां और जमशेदपुर फॉरेस्ट ऑफिसर की बेटी मुमल को 173वां रैंक, जानें कहां के छात्र को मिला कौन सा रैंक

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जमशेदपुर : संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने मंगलवार को सिविल सेवा परीक्षा-2019 के परिणामों की घोषणा कर दी. इस परीक्षा में अखिल भारतीय स्तर पर प्रदीप सिंह ने पहला स्‍थान प्राप्‍त किया है. जतिन किशोर को दूसरा और प्रतिभा वर्मा को तीसरा स्‍थान मिला है. वहीं झारखंड की बात करें, तो इस परीक्षा में राज्य के विद्यार्थियों ने भी अपनी प्रतिभा का परचम लहराया है. इस परीक्षा में रांची के रवि जैन को अखिल भारतीय स्तर पर 9वां रैंक, हजारीबाग के गौरव सिंह को अखिल भारतीय स्तर पर 120वां, हजारीबाग के ही दीपांकर चौधरी को 42वां, जमशेदपुर में पढ़े-लिखे प्रियांक किशोर को 61वां, रांची की अनुपमा सिंह को 90वां तथा जमशेदपुर की मुमल राजपुजरोहित को 173वां रैंक मिला है. हजारीबाग के दीपांकर चौधरी संयुक्त सचिव स्तर पद से रिटायर्ड अधिकारी रंजन चौधरी के पुत्र हैं. प्रियांक किशोर के पिता कमल किशोर जमशेदपुर में कई थानों में थानेदार रह चुके हैं और वर्तमान में हजारीबाग सदर में डीएसपी हैं.

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प्रियांक किशोर, 61वां रैंक.

प्रियांक ने पहले प्रयास में ही क्रैक किया था यूपीएससी, दूसरे प्रयास में किया बेहतर
इस बार यूपीएससी सिविल सेवा की परीक्षा में 61वां रैंक हासिल करनेवाले प्रियांक किशोर ने पिछले साल भी इस परीक्षा में सफलता हासिल की थी. तब उन्हें 274वां रैंक मिला था. लेकिन दूसरे प्रयास में उन्होंने बेहतर प्रदर्शन करते हुए अपनी सफलता को एक नया आयाम दिया. प्रियां के पिता कमल किशोर जमशेदपुर के कई थानों के प्रभारी रह चुके हैं और वर्तमान में हजारीबाग सदर के डीएसपी हैं. प्रियां ने नौवीं कक्षा तक की पढ़ाई टेल्को स्थित लिटिल फ्लॉवर स्कूल (एसएफएस) से की है. उसके बाद प्लस टू श्यामली और स्नातक दिल्ली के रामजस कॉलेज से किया. उसके बाद स्नोतकोत्तर (पीजी) दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से किया. यह परिवार मूलत: बिहार के बक्सर जिला का निवासी है. प्रियांक ने तैयारी के लिए कभी भी कोचिंग का सहारा नहीं लिया.

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मुमल राजपुरोहित, 173वां रैंक.

गरीब-असहाय बच्चों का सहारा बनेंगी मुमल, मिला 173वां रैंक
शहर की मुमल राजपुरोहित को यूपीएससी में 173 रैंक मिला है. मुमल जमशेदपुर के फॉरेस्ट ऑफिसर की बेटी हैं. यह परिवार मूलरूप से जोधपुर की रहने वाला है. मुमल वर्तमान में जमशेदपुर में अपने माता-पिता के साथ हैं. मुमल के पिता जब्बार सिंह राजपुरोहित व माता रेखा राजपुरोहित जमशेदपुर के सर्किट हाउस एरिया में रहते हैं. मुमल ने 12वीं तक की पढ़ाई जोधपुर से की. उसके बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी के इंद्रप्रस्थ कॉलेफ फॉर वीमेंस से पॅलीटिकल साइंस ऑनर्स के साथ ग्रेजुएशन और उसके बाद जेएनयू से मास्टर डिग्री ली. मुमल की इस उपलब्धि से उनके परिवार के लोग काफी खुश हैं. मुमल ने बताया कि उनको बचपन से ही अधिकारी बनने की शौक था. यूपीएससी में मुमल का विषय पॉलीटिकल साइंस ऑन इंटरनेशनल रिलेशन था. यूपीएससी के प्रति रुचि के संबंध में पूछे जाने पर मुमल ने बताया कि अभी अपने देश में लडकियों को पढ़ाई-लिखाई के लिए आजादी नहीं दी जाती है, जिसके लिए एक उदाहरण पेश करने के लिए उन्होंने इस सेक्टर में जाना पसंद किया. उन्होंने बताया कि अपने लाइफ में वह गरीब बच्चों की सेवा व सहायता करना चाहती हैं. उन्होंने कहा कि मैं जहां भी रहूंगी वहां के गरीब बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा प्रदान करूंगी. उन्होंने बताया कि आज जिस मुकाम को उन्होंने हासिल किया हैं उनमें उनके माता-पिता का बहुत बडा योगदान है. उन्होंने बताया कि जब भी वह विचलित होती थी, उनकी मां उनको संभालती थीं और हमेशा सही रास्ते पर चलने के लिए प्रेरित करती थीं.

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आईएएस के लिए 180 व आईपीएस के लिए 150 का चयन, 182 रिजर्व
इस परीक्षा में देशभर से 829 उम्मीदवारों ने सफलता हासिल की है. वहीं 182 उम्मीदवारों को रिजर्व लिस्ट में शामिल किया गया है. यूपीएससी की ओर से जारी रिजल्ट के मुताबिक मुख्य परीक्षा में चयनित उम्मीदवारों का साक्षात्कार फरवरी-अगस्त 2019 के बीच लिया गया था. खबर लिखे जाने तक झारखंड के दीपंकर चौधरी को 42वां स्थान मिला है. श्री चौधरी रांची के प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ उज्जवल के फुफेरे भाई और सरकारी सेवा में रहे रंजन चौधरी के पुत्र हैं. रांची की अनुपमा सिंह को देशभर में 90वां स्थान मिला है. 29 सफल उम्मीदवारों में 304 जेनरल, 78 इडब्ल्यूएस, 251 ओबीसी, 129 एससी, 97 एसटी श्रेणी के उम्मीदवार हैं. वहीं जिन उम्मीदवारों को रिजर्व श्रेणी में रखा गया है, उनमें जेनरल से 91, इडब्ल्यूएस से 09, ओबीसी से 71, एससी से 08 और एसटी श्रेणी से 03 उम्मीदवार हैं. आइएएस सेवा के लिए कुल 180 उम्मीदवारों का चयन किया गया है. जिसमें जेनरल से 72, इडब्ल्यूएस से 18, ओबीसी से 52, एससी से 25 और एसटी से 13 उम्मीदवार हैं. आइएफएस सेवा के लिए 24 का चयन किया गया है. इसमें जेनरल से 12, इडब्ल्यूएस से 02, ओबीसी से 06, एससी से 03 और एसटी से 01 उम्मीदवार हैं. आइपीएस सेवा के लिए 150 उम्मीदवारों को चयनित किया गया है. इसमें जेनरल से 60, इडब्ल्यूएस से 15, ओबीसी से 42, एससी से 23 और एसटी से 10 उम्मीदवार हैं. सेंट्रल सर्विसेस ग्रुप ए सेवा के लिए 438 का चयन हुआ है. इसमें जेनरल से 196, इडब्ल्यूएस से 34, ओबीसी से 109, एससी से 64 और एसटी से 35 उम्मीदवार हैं. सेंट्रल सर्विसेस ग्रुप बी सेवा के लिए 135 का चयन किया गया है. इसमें जेनरल से 57, इडब्ल्यूएस से 14, ओबीसी से 42, एससी से 14 और एसटी से 08 उम्मीदवार हैं.

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