Lohardaga- हरमू रघुटोली में ग्राम स्तरीय सरना प्रार्थना सभा सह धर्म प्रवचन कार्यक्रम आयोजित

राशिफल

लोहरदगा : ग्राम स्तरीय सरना प्रार्थना सभा सह धर्म प्रवचन कार्यक्रम लोहरदगा हरमुरघू टोली में आयोजन किया गया. कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुड़मा रांची के सरना प्रार्थना सभा के प्रदेश सचिव एतवा किस्पोटा वा रवि तिग्गा, लोहरदगा जिला के नवनिर्वाचित जिला परिषद् सदस्य लोहरदगा सदर प्रखंड विनोद उरांव, कैरो प्रखंड सुखदेव उरांव और सेन्हा प्रखंड राधा तिर्की और हरमू पंचायत की सभी नवनिर्वाचित वार्ड पर्षद, ग्राम प्रधान, बिहार विभानसभा के पूर्व विधायक रमेश उरांव मुख्य रूप से उपस्थित थे.कार्यक्रम का उद्घाटन सरना झंडा बदली,दीप प्रज्वालित कलशा,सरना भजन,धर्म प्रवचन एवं सांस्कृतिक सामाजिकता रंगा रंग कार्यक्रम किया गया.कार्यक्रम मंच संचालन उमेश उरांव द्वारा किया गया. मंच में उपस्थिति सभी अतिथियों ने कार्यक्रम को संबोधन किया.संबोधन में सभी लोगों ने सरना समाज के सभी सरना धर्मवालम्बी एवं बुद्धिजीवी लोगों ने बताया कि परिवर्तन प्राकृतिक का नियम है और हम प्राकृतिक के उपज है. प्राकृतिक के नियमानुसार हमें भी अन्य समाज की तरह परिवर्तन को स्वीकार करना होगा. भूमंडलीकरण के दौर में प्राकृतिक के नियमानुकूल दो ही विकल्प है परिवर्तन की क्रांति और अपना लेना और उसके लिए रास्ता दे देना.(नीचे भी पढ़े)

इतिहासकरों ने आदिवासियों के साथ छल किया है, जिससे जाति समाज को समाप्त करना हो तो सरना समाज का इतिहास को ही समाप्त कैसे करें, इसकी रचना किया गया.इसी तर्ज पर भाषा,संस्कृत,जाति, धर्म एवं पुरातत्वों पर अब आदिवासियों की सभ्यता एवं सांस्कृति को उजागर करना है.आदिवासी को मुख्य धारा पर जोड़ना है.अपना उद्देश्यों को समझना होगा और लोगों को जागरूकता करना है.आदिवासी भौतिक युग में रूढ़िवादी एवं अंधविश्वास में अधिक और आध्यात्मिक में कम विश्वास करते हैं. इसलिए हम सभी आदिवासी लोग मिलजुलकर जागरूक करेंगे और अंधविश्वास को दूर करना है.अध्यात्मिकता अभियान से सरना समाज में सुधार होगा. समाज को हर रूप में विकसित करने में सहभागी बनना चाहिए.सभी को सम्मान हक मिलेगा. सरना धर्म के महत्व को बढ़ावा देना है.धार्मिक विश्वास जगाना है. शैक्षणिक विकास करना है धार्मिक अखड़ा,झखरा, मसना,पहनाई, भूईहरी, खूटकठा को सुरक्षित रखना है. कार्यक्रम में सुखलाल भगत, मांग पहान,सुनील टोप्पो,पंचम उरांव,सुमरू उरांव, मनीष उरांव,राजमणि उरांव,डहरी उरांव,रितु उरांव, प्यारी उरांव, मान्ती उरांव, शंकर उरांव सहित भारी से भारी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे.

Must Read

Related Articles