West-Singhbhum : जिले का कोई भी राजनीतिक दल कोल्हान पोड़ाहाट के हो जाति समाज की जनता हल्के में लेने की भूल न करे : सन्नी सिंकू

राशिफल

रामगोपाल जेना / चाईबासा : जिले का कोई भी राजनीतिक दल कोल्हान पोड़ाहाट के हो जाति समाज की जनता-जनार्दन हल्के में लेने की भूल न करे। यह प्रतिक्रिया झारखंड प्रदेश तृणमूल युवा कांग्रेस अध्यक्ष सन्नी सिंकू ने दी है। उन्होंने कहा है कि देश के लोकतांत्रिक इतिहास में कोल्हान पोड़ाहाट की जनता ने अच्छे-अच्छों को सबक सिखाया है। इसलिए हमें किसी मुगालते में नहीं रहना चाहिए। आप जिस राजनीतिक विरासत की बात करते हो उसने राजनीतिक दल बनने के पहले स्वतंत्रता की लड़ाई के समय से कोल्हान पोड़ाहाट के हो आदिवासियों का सम्मान किया है। यही वजह है ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ असहयोग आंदोलन को कोल्हान पोड़ाहाट सहित राष्ट्रव्यापी बनाने के लिए महात्मा गांधी 1921/22 में चाईबासा आए थे। वे पुलिस लाइन के पास तत्कालीन अटल चंद्र घोष के बंगला में रुके थे। मंगला हाट मैदान में आयोजित जनसभा को हो भाषा में संबोधित कर कोल्हान पोड़ाहाट के हो आदिवासियों को असहयोग आंदोलन में भाग लेने के लिए प्रेरित किए थे। (नीचे भी पढ़ें)

उन्होंने कहा है कि देश आजाद कराने वाली स्वतंत्रता संग्राम की पार्टी ने जब राजनीतिक दल का रूप लिया तो देश के सभी राज्यों में उल्लेखित दल की सरकार थी। अविभाजित सिंहभूम सहित छोटा नागपुर, संथाल परगना में उल्लेखित दल का खाता बमुश्किल खुला था। उस समय सिंहभूम सहित वृहत झारखंड के क्षेत्र में सिर्फ झारखंड पार्टी का बोलबाला था। अस्सी के दशक के बाद झारखंड पार्टी छोड़ उक्त राष्ट्रीय राजनीतिक दल में शामिल होने वाले तत्कालीन अपराजेय माने जाने वाले हो समुदाय के दिग्गज नेता ने सबसे पहले खाता खोला था। नब्बे के दशक में जब अविभाजित सिंहभूम का विभाजन हुआ, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम बना तब से पश्चिमी सिंहभूम में उल्लेखित राष्ट्रीय राजनीतिक दल का जिला अध्यक्ष आबादी को ध्यान में रखते हुए आदिवासी हो समुदाय से ही बनाया गया था। चाहे विजय सिंह सोय, दुर्गा प्रसाद जामुदा, जांबी कुई, सोमाय गागराई, बागुन सुंबरूई, सुखदेव हेंब्रम, सन्नी सिंकू ही क्यों न हों।

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