west-singhbhum-डीसी ने स्वास्थ्य, शिक्षा एवं समाज कल्याण कार्यो की समीक्षा की, एनीमिया से मुक्ति दिलाने पर दिया जोर

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चाईबासा: समाहरणालय सभागार में जिला उपायुक्त अरवा राजकमल व उप विकास आयुक्त संदीप बख्शी ने स्वास्थ्य, शिक्षा एवं समाज कल्याण विभाग के कार्यों की समीक्षा की. साथ ही जिले को एनीमिया से मुक्ति दिलाने पर विशेष जोर दिया. राष्ट्रीय पोषण माह कार्यक्रम अंतर्गत सितंबर माह में पोषण जागरूकता कार्यक्रम जिला अंतर्गत संचालित किया जा रहा है के तहत जिले में प्रमुख रूप से एनीमिया नियंत्रण कार्यक्रम नवाचार के तौर पर संचालित किया जा रहा है. जिसके तहत चार प्रखंड यथा सदर चाईबासा, झींकपानी, खुंटपानी, तांतनगर चयनित किया गया है एवं इन प्रखंडों में स्थित 4-4 स्वास्थ्य उप केंद्र के पोषित क्षेत्रों से 100 महिला प्रति स्वास्थ्य केंद्र को चिन्हित किया जाएगा, जो पूर्व से एनीमिया से ग्रसित हैं और चयनित सभी महिलाओं को लगातार तीन महीने दवाई का सेवन सुनिश्चित करते हुए एवं सामुदायिक स्तर के सहयोग से 16 स्वास्थ्य उपकेंद्रों के 1,600 महिलाओं को एनीमिया से मुक्त करवाने के उद्देश्य से कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया है. उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन के द्वारा इस नवाचार कार्यक्रम के संचालन हेतु पूर्व से उपलब्ध संसाधन का प्रयोग कर क्षेत्रीय पदाधिकारी, आंगनवाड़ी सेविका, एवं एएनएम को प्रशिक्षण भी दिया जाएगा.

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बैठक में जिले के सिविल सर्जन डॉ ओम प्रकाश गुप्ता, जिला भू अर्जन पदाधिकारी एजाज़ अनवर, जिला शिक्षा पदाधिकारी श्रीमती नीरजा कुजूर, जिला शिक्षा अधीक्षक अनिल चौधरी, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी श्रीमती बसंती ग्लाडिस बाडा, सामाजिक सुरक्षा कोषांग के सहायक निदेशक सहित उक्त तीनों विभाग के पदाधिकारी एवं संबंधित कर्मी उपस्थित रहे. समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित आंगनवाड़ी केंद्रों में टेक होम राशन उठाव के अद्यतन रिपोर्ट का भी समीक्षा किया गया है और विशेषकर वैसे बच्चे जो कुपोषित हैं एवं वर्तमान समय में अपने घरों में रह रहे हैं उन सभी के लिए टीएचआर घर तक पहुंचाना है के संबंध में आंगनवाड़ी सेविका के द्वारा नियमित रूप से जांच किया जा रहा है या नहीं, महिला पर्यवेक्षिका के द्वारा क्षेत्र भ्रमण किया जा रहा है या नहीं से संबंधित प्रतिवेदन का भी बिंदुवार समीक्षा किया गया है.बैठक में स्वास्थ्य विभाग का मूल सूचकांक यथा एएनसी, टीकाकरण के साथ-साथ संस्थागत प्रसव इन तीनों बिंदुओं पर विशेष रूप से ध्यान देने हेतु स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिया गया है.

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उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में कोरोनावायरस संक्रमण के दौरान भी उक्त बिंदुओं पर जिला अंतर्गत प्रखंड क्षेत्रों में बेहतर कार्य करते हुए निर्धारित लक्ष्य को शत प्रतिशत प्राप्त किया गया है लेकिन जिले के तीन-चार प्रखंडों का प्रदर्शन खराब है. वैसे प्रखंडों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को स्पष्टीकरण करने का निर्देश जिले के सिविल सर्जन को दिया गया है एवं इन प्रखंडों में सुधार लाने को लेकर स्वयं मेरे एवं उप विकास आयुक्त सहित जिले के वरीय पदाधिकारियों के द्वारा इन क्षेत्रों का भ्रमण करते हुए वहां पदस्थापित के एएनएम एवं स्वास्थ्य केंद्र संचालित करने वाले प्रभारी चिकित्सक सभी का समीक्षा किया जाएगा एवं जिला प्रशासन वहां की स्थिति को भी सुधारने के लिए प्रयासरत रहेगा.

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