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मंगलवार, अप्रैल 13, 2021
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    west-singhbhum-नियम के विरूद्व हुई हाईमास्ट लाईट की खरीदारी, मुखियाओं ने बीडीओ पर लगाए आरोप, बगैर बैठक के ही कर ली गयी खरीदारी

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    चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिले के जगन्नाथपुर प्रखंड मुख्यालय के 16 पंचायत में नियम के विरूद्व हुए हाईमास्ट लाईट की खरीदारी को लेकर मुखियाओं ने की बैठक. मुखिया ने बीडीओ पर बगैर जानकारी दिए जाने का आरोप लगाया. बैठक में 14 पंचायत के मुखियाओं ने कहा की जब से प्रखंड विकास पदाधिकारी जगन्नाथपुर प्रखंड का कार्यभार संभाले है तब से मुखियाओं के साथ एक भी बैठक नहीं किया है और गांव के विकास के लिए सरकार के द्वारा जारी होने वाली दिशा र्निदेशों कि जानकारी दी गई. वहीं यह भी नहीं बताया गया कि बिजली व्यवस्था को दुरूस्त करने के लिए 1.50.000 लाख के वजाय 3,60,000 लाख रूपया का हाईमास्ट लाईट की खरीदारी करा दी. बीडीओ पर सही जानकारी नही देने का आरोप भी लगाया है. बैठक में करंजिया मंजु हेस्सा, तोड़ागहातु रोईबारी लागुरी, छोटा महुलडीहा नितिमा हेंब्रम, मुण्डूई सरिता कुंटिया, काशिरा पालमोती तामसय, जैंतगढ़ वीणा केराई, जगन्नाथपुर गौरी लागुरी, पट्टाजैंत राम भुमिज, सियालजोड़ा राज बानरा, कलैया घनश्याम पूर्ति, मालुका बुंढ़न सिंह कोड़ा, बड़ानन्दा कानुराम बोबंगा,मोंगरा शिशिर सिंकु, गुमुरिया नवीन आनंद पिंगुवा ने आरोप लगाया है.

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    क्या है मामला: जिले के तीन प्रखंड मझगांव , जगन्नाथपुर व सदर चाईबासा में हाईमास्ट लाइट खरीद में हुई अनियमितता को लेकर ग्रामीण विकास पंचायती राज विभाग के उपसचिव शंभूनाथ मिश्र ने राज्य के सभी उपायुक्त को पत्र भेजकर 14वें एवं 15वें वित्त आयोग मद की राशि से नियम विरुद्ध हाईमास्ट लाइट की खरीदारी में अनियमितता के जांच करने का आदेश दिया है. उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा है कि इस मामले में कोई भी पदाधिकारी, कर्मचारी, पंचायत प्रतिनिधि दोषी पाए जाते हैं तो उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी. पत्र में कहा गया है कि उपायुक्त पश्चिम सिंहभूम जिला अंतर्गत विभिन्न ग्राम पंचायतों में पंचायत विकास योजना एवं ई – ग्राम स्वराज पोर्टल में प्रविष्टि के बगैर ही हाईमास्ट लाइट का अधिष्ठापन करते हुए भुगतान कर दिया गया है.

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    यहां उल्लेखनीय है कि वैसे किसी भी योजना जिसकी प्रविष्टि ग्राम पंचायत विकास योजना एवं ई – ग्राम स्वराज पोर्टल में प्रविष्टि के बगैर ही हाईमास्ट लाइट का अधिष्ठापन करते हुए भुगतान कर दिया गया है. यहां उल्लेखनीय है कि वैसे किसी भी योजना जिसकी प्रविष्टि ग्राम पंचायत विकास योजना एवं ई – ग्राम स्वराज पोर्टल में नहीं है वैसी योजनाओं का क्रियान्वयन 14 वें एवं 15 वें वित्त आयोग मद की राशि से अनुमान्य नहीं है. यह सरकार के आदेश की अवहेलना एवं वित्तीय अनियमितता का मामला है. हाईमास्ट लाइट अधिष्ठापन के लिए बिना निविदा के ही सामग्री क्रय तथा सिर्फ निविदा से बचने के लिए समान प्रकृति की योजनाओं को विखंडित कर अलग – अलग योजनाओं में क्रियान्वयन भी झारखंड वित्त नियमावली के प्रावधान का उल्लंघन है लेकिन वर्तमान में नियम विरुद्ध हाईमास्ट लाइट अधिष्ठापन संबंधी मामले सिर्फ पश्चिम सिंहभूम जिले के तीन प्रखंडों से प्रतिवेदित हैं. संभव है कि इस प्रकार की योजनाओं का क्रियान्वयन बाकी जिलों के ग्राम पंचायतों द्वारा भी किया गया हो इसलिए सभी उपायुक्त अपने जिले में ग्राम पंचायतों द्वारा समरुप प्रकार की योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा करते हुए आवश्यकतानुसार जांच एवं मामले में दोषी पदाधिकारियों , कर्मियों , पंचायत प्रतिनिधियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए. साथ ही कार्रवाई प्रतिवेदन विभाग को उपलब्ध कराई जाए. सरकार के इस आदेश के बाद पंचायत प्रतिनिधियों में हड़कंप मचा हुआ है.

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