spot_img
शुक्रवार, जून 18, 2021
spot_imgspot_img
spot_img

jharkhand-election-2019-निरसा विधानसभा क्षेत्र में मार्क्सवाद के ”लाल किले” को भाजपा ने किया ध्वस्त, आजादी के बाद से लेकर आज तक हारती रही थी भाजपा, जमशेदपुर के राम सिंह मुंडा थे कर्णधार

Advertisement
Advertisement
निरसा की विधायक अर्पणा सेन के साथ राम सिंह मुंडा.

जमशेदपुर : भाजपा ने निरसा विधानसभा क्षेत्र से चुनाव जीता है. निरसा विधानसभा क्षेत्र झारखंड के लिए इसलिए अहम था क्योंकि यहां से मार्क्सवादी समन्वय समिति (मासस) के अरुप चटर्जी विधायक बनते रहे थे और उससे पहले फारवर्ड ब्लॉक की ही अर्पणा सेनगुप्ता ही चुनाव जीती थी. यह एरिया मार्क्सवादियों का गढ़ माना जाता था, लेकिन यहां से भाजपा के ही टिकट पर अर्पणा सेनगुप्ता ने ही चुनाव जीता. इस चुनाव में मुख्य कर्णधार और किरदार जमशेदपुर भाजपा के पूर्व महामंत्री राम सिंह मुंडा का रहा. निरसा विधानसभा क्षेत्र में राम सिंह मुंडा को उनके अनुभव को देखते हुए पूर्णकालिक विस्तारक बनाकर भेजा गया था. 2017 से लेकर 2019 तक उन्होंने कड़ी मेहनत की. अनेक भाषाओं के जानकार और संगठनकर्ता राम सिंह मुंडा ने अपना काम किया और अंतत: भाजपा को यहां से जीत अर्से बाद हासिल हो पायी. राम सिंह मुंडा ने निरसा विधानसभा चुनाव में जीत पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि भाजपा झारखंड प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मण गिलुवा, संगठन महामंत्री धरमपाल सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास, प्रशिक्षण प्रमुख गणेश मिश्रा के मार्गदर्शन से विधानसभा क्षेत्र में अनेक प्रकार के संगठनिक कार्यों को करने के लिए क्षेत्र के सभी प्रमुख नेताओं के साथ-साथ सभी 7 मंडलों के मंडल अध्यक्षों का भी भरपूर सहयोग मिला.

Advertisement
Advertisement
राम सिंह मुंडा की फाइल तस्वीर.

श्री मुण्डा ने जमीनी स्तर पर किये गये कार्यों के बारे में चर्चा करते हुए कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम काफी प्रभावी रहा, जो विधानसभा क्षेत्र के बूथों एवं पंचायतों में प्रत्येक माह के अंत में आयोजित किया जा रहा था. इसके अलावा विधानसभा क्षेत्र के सभी 424 बूथों का पुनर्गठन किया गया, जहाँ बूथ समितियों में परिवर्तन करने की जरुरत महसूस की गई, वहाँ सभी जातियों के समायोजन से बूथ समिति बनाया गया. विधानसभा क्षेत्र के सभी पंचायतो में वोटरों की पहचान की गई एवं लगातार उनसे संपर्क रखने का प्रयास किया गया. मंदिर, मस्जिद, चर्च, गुरुद्वारा, सरना समिति आदि के प्रमुखों से लगातार सम्पर्क रखते हुए उनसे मधुर संबंध रखा गया. आदिवासी समुदायों में पकड़ रखने वाले श्री मुण्डा ने बताया कि आदिवासी समाज में मुख्य रूप से नायके, मांझी, हड़ाम, आदि होते हैं, जिसकी बात, समुदाय के सभी लोग मानते हैं. वैसे लोगों से सम्पर्क कर सरकार द्वारा आदिवासियों के लिए की जा रही कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी विस्तार से बताया गया था. श्री मुण्डा ने कहा कि इन कार्यों को करने के लिए उनको बहुत संघर्ष करना पड़ा. अनेक बार सुदूर क्षेत्रों में जाने के कारण भूखे भी रहना पड़ा. अनेक लोगों की आँखों की किरकीरी भी बनना पड़ा. कुछ लोग उनको बहुत ही तुच्छ समझते थे. सार्वजनिक रुप से जलील करने का प्रयास भी किया गया. लेकिन वे निरन्तर अपने मिशन में काम करते रहे, जिसका सुखद परिणाम यह हुआ कि चिरकुण्डा नगर परिषद चुनाव में भाजपा के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष के पद पर ऐतिहासिक जीत दर्ज हुई. धनबाद लोकसभा चुनाव में निरसा विधानसभा क्षेत्र से सांसद पशुपति नाथ सिंह की जीत में विधानसभा क्षेत्र से ऐतिहासिक मतों से सहयोग दिये और अब निरसा विधानसभा चुनाव में देश के आजादी के बाद पहली बार भाजपा के उम्मीदवार अपर्णा सेनगुप्ता को 25 हजार से भी अधिक मतों से जीताकर एक इतिहास बनाने का श्रेय यही के भाजपा के सभी स्तर के कार्यकर्ताओं का स्नेह, मतदाताओं, जनताओं को जाता है. श्री मुण्डा ने कहा कि संगठन में अनेक नेता चुनाव लड़ने के लिए तैयार थे, परन्तु पार्टी आलाकमान ने काफी सोच विचार कर एक महिला नेत्री को ही टिकट देकर निरसा की धरती पर लालगढ़ को ध्वस्त करने के लिए एक महिला प्रत्यासी को उतारा और उसका परिणाम भी सामने आया.

Advertisement
Advertisement

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

spot_imgspot_img

Must Read

Related Articles

Don`t copy text!