spot_img

Jharkhand Legisletive assembly Election : विचारधारा-दलगत राजनीति से ऊपर उठ कर टिकट लेने वालों की होड़

राशिफल

Ranchi : झारखंड विधानसभा चुनाव की घोषणा के बाद नेताओं के बीच टिकटों की मारामारी को लेकर मची भगदड़ में नेताओं के लिये टिकट लेना पहली प्राथमिकता बन गयी है।विचारधारा एवं दलगत राजनीति से ऊपर उठकर टिकट लेने वालों की लंबी कतार है।भाजपा पर संप्रदायिकता
का गंभीर आरोप लगाने वाले कांग्रेस के विधायक भाजपा का दामन थाम चुके हैं तो वहीं भाजपा के तेजतर्रार नेता टिकट कटने पर कांग्रेस एवं झामुमो के शरण में चले गये हैं।राजनीति की नई परिभाषा झारखण्ड में गढ़ी जारही है।विधानसभा तक पहुंचने के लिये वे कुछ भी करने को तैयार हैं।इस अवसर का भरपूर लाभ झारखण्ड के दो क्षेत्रीय दल झामुमो और आजसू उठाना चाहती है। इन दोनों क्षेत्रीय पार्टियों के रणनीतिकार भी ठोंक-बजाकर ऐसे नेताओं को अपने दलों में शमिल करवा रहे हैं। कई नेताओं को पुरस्कार स्वरूप टिकट भी मिल रहा है। 
भाजपा की ओर से टिकट के मुख्य दावेदार और पूर्व शिक्षामंत्री बैद्यनाथ राम के टिकट कटने पर राम ने झामुमो से संपर्क किया और अब वह लातेहार से झामुमो के प्रत्याशी हैं। उनका मुख्य मुकाबला झारखंड विकास मोर्चा से भाजपा में आये निवर्तमान विधायक प्रकाश राम से है। 
भाजपा ने पलामू जिले की छतरपुर सीट पर राधाकृष्ण किशोर का टिकट काटा तो उन्होंने आजसू का दामन थाम लिया और अब वह छतरपुर सीट से आजसू के उम्मीदवार हैं। राधाकृष्ण किशोर भाजपा के मुख्य सचेतक थे। 
विपक्षी दलों के महागठबंधन में पाकुड़ की सीट कांग्रेस के खाते में जाने से नाराज वर्ष 2009 में झामुमो से जीतकर विधानसभा पहुंचे अकील अख्तर ने पार्टी को ठेंगा दिखाते हुये आजसू का दामन थाम लिया। अकील का मुकाबला अब पाकुड़ में कांग्रेस के कद्दावर नेता आलमगीर आलम से होगा। आलमगीर आलम ने 2014 के विधानसभा चुनाव में अकील अख्तर को शिकस्त दी थी।
घाटशिला सीट के झामुमो के खाते में जाने से नाराज कभी मुख्यमंत्री के कांग्रेस पार्टी से प्रबल दावेदार रहे पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप बालमुचू ने कांग्रेस का ‘हाथ’ छोड़कर आजसू का दामन थाम लिया। टिकट के लिये यह मारा मारी किसी एक दल में नहीं है, तमाड़ से आजसू के पूर्व विधायक विकास मुंडा ने भी आजसू का दामन छोड़कर झामुमो का दामन थाम लिया। बहरागोड़ा से भाजपा से टिकट की आस लगाए समीर मोहंती ने भी भाजपा का दामन छोड़कर झामुमो का ‘तीर-धनुष’ उठा लिया है। 
झारखंड विधानसभा के लिए अबतक हुए तीन चुनावों में कुछ नेताओं ने दल बदले थे, परंतु जिस अनुपात में इस बार दल-बदल हो रहा है, यह अपने-आप में रिकॉर्ड बन सकता है। आखिरी चरण के चुनाव के लिए नामांकन पूरा होने से पहले, अभी और नेता पाला बदल सकते हैं। सत्तारूढ़ दल भाजपा और आजसू के गठबंधन में दरार के बीच पाला बदलने वाले नेताओं को एक ठिकाना भी मिल गया है। सूत्रों का दावा है कि कई बड़े नेता अभी दलबदल के लिए तैयार हैं। 
झारखंड के कुल 81 विधानसभा क्षेत्रों में से 68 प्रत्याशियों की भाजपा ने अबतक घोषणा कर दी है, जबकि आजसू ने अबतक 19 उम्मीदवारों की सूची जारी की है।गौरतलब है कि 81 सदस्यीय झारखंड विधानसभा के चुनाव के लिए 30 नवंबर से 20 दिसंबर के बीच पांच चरणों में मतदान होने हैं। नतीजे 23 दिसंबर को आएंगे। पहले चरण के मतदान के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि समाप्त हो चुकी है।

WhatsApp Image 2022-04-29 at 12.21.12 PM
WhatsApp-Image-2022-03-29-at-6.49.43-PM-1
Shiv Yog Physiotherapy And Yoga Classes
[adsforwp id="129451"]

Must Read

Related Articles

Don`t copy text!