रांची/धनबाद : झारखंड राज्य अल्पसंख्यक आयोग के चेयरमैन हिदायतुल्लाह खान के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम ने आज धनबाद जिले का दौरा किया. इस प्रतिनिधिमंडल में आयोग के सदस्य कारी बरकत अली और रंजीत मलिक भी शामिल थे. आयोग की टीम ने झरिया के बोड़ागढ़ ओपी क्षेत्र में कथित रूप से हत्या किए गए युवक स्वर्गीय मोहम्मद दिलशाद अंसारी के परिजनों से मुलाकात कर घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया. आयोग का प्रतिनिधिमंडल होरलाडीह नंबर-03, पंचायत भवन के समीप स्थित मृतक के घर पहुंचा, जहां परिजनों और स्थानीय लोगों ने पूरी घटना की विस्तृत जानकारी दी. पीड़ित परिवार ने बताया कि 31 मई 2026 को कुछ लोग दिलशाद अंसारी को घर से बुलाकर ले गए थे, जिसके बाद 1 जून को उनका शव बरामद हुआ. (नीचे भी पढ़ें)
परिजनों के अनुसार युवक की बेहद बेरहमी से गला रेतकर हत्या की गई थी. परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि नामजद आरोपियों के खिलाफ अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है, जिसके कारण पूरा परिवार भय और असुरक्षा के माहौल में जीने को मजबूर है. जब अल्पसंख्यक आयोग की टीम मृतक दिलशाद अंसारी के परिजनों से मुलाकात कर उनका हालचाल जान रही थी, तब उनके पिता किसी तरह बात करने की स्थिति में थे, लेकिन उनकी माता वहीं दो बार बेहोश हो गईं. इस दौरान आयोग के चेयरमैन हिदायतुल्लाह खान ने परिवार को भरोसा दिलाते हुए कहा कि उन्हें हर हाल में न्याय मिलेगा. उन्होंने कहा कि हम सब आपके दुख में शामिल हैं। आपका बेटा तो वापस नहीं आ सकता, लेकिन आपको न्याय जरूर दिलाया जाएगा. दोषी चाहे कोई भी हो, उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा. पीड़ित परिवार से मुलाकात के बाद आयोग की टीम बोड़ागढ़ ओपी पहुंची, जहां स्थानीय लोगों से भी पूरे मामले की जानकारी ली गई. इसके बाद प्रतिनिधिमंडल धनबाद सर्किट हाउस पहुंचा, जहां सिटी एसपी ऋत्विक श्रीवास्तव और अनुमंडल पदाधिकारी लोकेश बारंगे ने पुष्पगुच्छ देकर चेयरमैन का स्वागत किया. इसके बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें हत्या मामले की अब तक की जांच, प्रगति और आगे की कार्रवाई पर विस्तार से चर्चा हुई. इस अवसर पर चेयरमैन हिदायतुल्लाह खान ने कहा कि आयोग ने इस गंभीर हत्या मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए 2 जून 2026 को ही धनबाद के वरीय पुलिस अधीक्षक को पत्र भेजकर पूरे मामले की रिपोर्ट मांगी थी. उन्होंने कहा कि आज आयोग की टीम विशेष रूप से धनबाद पहुंची है ताकि पीड़ित परिवार से सीधे मुलाकात कर जमीनी स्थिति का आकलन किया जा सके और पुलिस जांच की प्रगति को समझा जा सके. (नीचे भी पढ़ें)
उन्होंने कहा कि हत्या जिस क्रूर तरीके से की गई है, उससे आशंका होती है कि इस अपराध में चार से अधिक लोग शामिल हो सकते हैं. उन्होंने कहा कि किसी एक युवक की हत्या केवल दो लोगों द्वारा किया जाना संभव नहीं लगता, जिससे स्पष्ट होता है कि इसमें कई अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं. चेयरमैन ने पुलिस को निर्देश दिया कि मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की जाए ताकि पूरे हत्या कांड का खुलासा हो सके. उन्होंने गिरफ्तार महिला और युवक रोशन को रिमांड पर लेकर सख्ती से पूछताछ करने की भी सलाह दी, ताकि असली साजिश और अन्य शामिल लोगों के नाम सामने आ सकें. इसके बाद सर्किट हाउस में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी आयोजित की गई, जिसमें चेयरमैन हिदायतुल्लाह खान ने मीडिया प्रतिनिधियों को जांच की वर्तमान स्थिति, आयोग की कार्रवाई और आगे की योजनाओं की जानकारी दी. (नीचे भी पढ़ें)
उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए अल्पसंख्यक आयोग लगातार मामले की निगरानी करेगा और आवश्यकता पड़ने पर और भी सख्त कदम उठाए जाएंगे. उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह हत्या केवल प्रेम प्रसंग का मामला नहीं लगती, बल्कि इसके पीछे कोई बड़ी वजह हो सकती है, इसलिए सच्चाई का सामने आना बेहद जरूरी है. उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने के बाद इस अपराध में शामिल हर व्यक्ति को बेनकाब किया जाना चाहिए. आयोग के चेयरमैन ने पुलिस से मांग की कि हत्या मामले का जल्द खुलासा किया जाए, सभी आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार किया जाए तथा मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाकर दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाए. उन्होंने यह भी कहा कि पीड़ित परिवार को पूरी सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए ताकि वे स्वयं को सुरक्षित महसूस कर सकें. हिदायतुल्लाह खान ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के स्पष्ट निर्देश हैं कि राज्य में इस प्रकार के अपराधों के लिए कोई स्थान नहीं है और इस हत्या में शामिल किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा. उन्होंने बताया कि पुलिस को दस दिनों के भीतर पूरी रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है. रिपोर्ट प्राप्त होने और पूरे मामले के खुलासे के बाद अल्पसंख्यक आयोग अपनी विस्तृत रिपोर्ट सरकार को सौंपेगा.







