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शुक्रवार, मई 14, 2021
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bengal-election-violance-बंगाल हिंसा के खिलाफ भाजपा सुप्रीम कोर्ट पहुंची, दिल्ली के भाजपा सांसद प्रवेश वर्मा ने बंगाल के टीएमसी कार्यकर्ताओं को हड़काया-हिंसा बंद करो नहीं तो टीएमसी की मुख्यमंत्री, सांसदों और विधायकों को भी दिल्ली आना है, माहौल और गर्माया, चुनाव आयोग ने नंदीग्राम के रिजल्ट पर लगायी मुहर, कोई रिकाउंटिंग नहीं होगी, ममता बोली-हिंसा का वीडियो टीएमसी का झंडा लगाकर भाजपा बना रही है, पुलिस बेनकाब करेगी, जमशेदपुर के भाजपाइ अपने घरों पर बुधवार को दो घंटे देंगे धरना

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कोलकाता/जमशेदपुर : पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की जीत के बाद लगातार हो रही हिंसा का मामला गर्माता नजर आ रहा है. इस बीच भाजपा के नेता गौरव भाटिया ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर दी है और सुप्रीम कोर्ट से बंगाल की हिंसा को रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट को पहल करने की अपील की है. इस बीच दिल्ली के भाजपा सांसद प्रवेश वर्मा ने एक विवादित बयान देकर माहौल को और गर्मा दिया है. प्रवेश वर्मा ने अपने बयान में कहा है कि दिल्ली में तृणमूल के सांसदों को भी आना है. बंगाल में अगर हिंसा बंद नहीं हुआ तो सांसदों को दिल्ली में घुसना होगा, फिर देखेंगे क्या करना है. इस बीच बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि भाजपा के लोग ही बदनाम करने के लिए टीएमसी का झंडा लगाकर खुद ही हिंसा करा रहे है. भाजपा लगातार ऐसे वीडियो बनाकर भेज रहा है और देश को गुमराह कर रहा है. इसकी जांच करने के लिए पुलिस को बोले है कि ऐसे लोगों को पकड़े, जो इस तरह का अफवाह उड़ा रहे है. अगर हिंसा कोई भी कर रहा है तो गलत है. दूसरी ओर, पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम सीट को लेकर ममता बनर्जी को बड़ा झटका लगा है. शिवेंदू अधिकारी से ममता बनर्जी की हार पर चुनाव आयोग ने मुहर लगा दिया है और कहा है कि रिटर्निंग ऑफिसर (आरओ यानी चुनाव पदाधिकारी) का फैसला अंतिम है, जिसको केवल हाईकोर्ट में ही चुनौती दी जा सकती है. इसके बाद से रिटर्निंग ऑफिसर की सुरक्षा को बढ़ा दी गयी है. चुनाव आयोग ने साफ कर दिया है कि किसी भी तरह से फिर से काउंटिंग नहीं हो सकती है. चुनाव आयोग ने कहा है कि रिटर्निंग ऑफिसर चाहे तो पुर्नमतगणना को स्वीकार कर सकते है या खारिज कर सकता है. इसके लिए इलेक्शन पीटिशन ही दाखिल करना पड़ सकता है. चुनाव आयोग ने मतगणना में गड़बड़ी के आरोपों को खारिज कर दिया. आयोग ने कहा है कि सभी काउंटिंग टेबुल पर एक माइक्रो पर्यवेक्षक था और उन्होंने किसी तरह की गड़बड़ी की जानकारी नहीं दी है. सभी वोट की इंट्री हुई है, जिसको डिस्पेल बोर्ड पर दर्शाया गया है, जिसे काउंटिंग एजेंट आसानी से देख सकते थे. काउंटिंग के दौरान कोई आपत्ति नहीं जतायी गयी. मतगणना के बाद रिजल्ट को ही गलत ठहराना गलत है. इधर, इस बीच पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस की विजय के बाद से ही भाजपा कार्यकर्ताओं पर हो रहे अत्याचार और हमले के खिलाफ भाजपा आंदोलित हो गयी है. कार्यकर्ताओं के आवास एवं प्रतिष्ठान पर लगातार हो रहे हमले के खिलाफ जमशेदपुर भाजपा ने धरना का ऐलान कर दिया है. भाजपा के जमशेदपुर महानगर अध्यक्ष गुंजन यादव ने कहा है कि कार्यकर्ताओं की हत्या की जा रही है एवं महिला कार्यकर्ताओं के साथ घृणित व्यवहार हो रहा है. इन घटनाओं से देश भर के भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ जमशेदपुर के भाजपा कार्यकर्ताओं में भी रोष है. अपनें मन की इस पीड़ा को प्रदर्शित करनें एवं पश्चिम बंगाल के भाजपा कार्यकर्ताओं को अपना समर्थन देने के उद्देश्य से बुधवार 5 मई को भाजपा जमशेदपुर के कार्यकर्ता अपनें अपनें घरों में 11 से 1 बजे तक धरनें पर बैठेंगे. इस राष्ट्रीय मुहिम में शामिल होकर तृणमूल कांग्रेस के इस अलोकतांत्रिक,घृणित कृत्य को राष्ट्रीय फलक पर बेनकाब करने की अपील कार्यकर्ताओं से की है. बंगाल की हिंसा के विरोध में सबको अपने आवास पर धरना देने को कहा गया है. सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक धरना देने को कहा गया है. इसी क्रम में मंगलवार को भाजपा जमशेदपुर महानगर अध्यक्ष गुँजन यादव ने जिला पदाधिकारियों एवं मोर्चा अध्यक्षों की वर्चुअल बैठक ली. बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि बंगाल में हो रही घटना अति निंदनीय एवं दुर्भाग्यपूर्ण है. बंगाल की राजनीतिक हिंसा स्वस्थ लोकतंत्र की परिचायक नहीं है. ऐसी हिंसा एवं घृणित कृत्यों का लोकतंत्र में कोई स्थान नहीं है. उन्होंने बताया कि बंगाल में टीएमसी के गुंडों द्वारा किये जा रहे तांडव पर जमशेदपुर महानगर के कार्यकर्ता एकदिवसीय धरना-प्रदर्शन कर बंगाल के कार्यकर्ताओं को समर्थन देंगे. जमशेदपुर में कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रभाव के मद्देनजर कार्यकर्ता अपने घरों से पूर्वाह्न 11 बजे से 1 बजे तक धरना-प्रदर्शन में हिस्सा लेंगे. उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के संकटकाल मे जहां मानव समाज एक-दूसरे की जान बचाने और सहयोग के लिये कार्यरत हैं, वहीं पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के उपद्रवी तत्व लगातार भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं पर आक्रमण और हिंसा कर रहे हैं. कई कार्यकर्ताओं की चुनाव के उपरांत हत्या कर दी गई, हजारों की संख्या में कार्यकर्ता घायल हैं तथा पार्टी के कई कार्यालयों में तोड़-फोड़ तथा आगजनी की घटना हो रही है. यह लोकतंत्र का काला अध्याय तृणमूल कांग्रेस के द्वारा लिखा जा रहा है। ऐसी घटना पर भाजपा कार्यकर्ता आक्रोशित हैं. बैठक के दौरान जिला उपाध्यक्ष सुधांशु ओझा, संजीव सिन्हा, महामंत्री अनिल मोदी, राकेश सिंह, जिला मंत्री पुष्पा तिर्की, जितेंद्र राय, मंजीत सिंह, नीलू मछुआ, पप्पू सिंह, मनोज राम, कोषाध्यक्ष राजीव सिंह, कार्यालय प्रभारी बोलटू सरकार, मीडिया प्रभारी प्रेम झा, आईटी सेल प्रभारी नारायण पोद्दार, कौस्तव रॉय, मणि मोहंती, सोशल मीडिया प्रभारी बिनोद कुमार सिंह, ज्ञान प्रकाश, राकेश बाबू समेत भाजयुमो जिलाध्यक्ष अमित अग्रवाल, ओबीसी मोर्चा अध्यक्ष धर्मेंद्र प्रसाद, किसान मोर्चा अध्यक्ष मुचीराम बाउरी, महिला मोर्चा अध्यक्ष ज्योति अधिकारी, अल्पसंख्यक मोर्चा अध्यक्ष मोहम्मद निसार, अनुसूचित जाति मोर्चा अध्यक्ष अजीत कालिंदी, अनुसूचित जनजाति मोर्चा अध्यक्ष बीनानंद सिरका शामिल थे.

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