jamshedpur-jubilee-park-issue-जुबिली पार्क को लेकर कांग्रेस भी हुई मुखर, सत्ताधारी कांग्रेस के पूर्व सांसद डॉ अजय कुमार दल-बल के साथ पहुंचे पार्क, जनता की भावनाओं का दिया साथ, भाजपा के जमशेदपुर सांसद की चुप्पी पर उठाए सवाल

राशिफल

जमशेदपुर : जमशेदपुर के बिष्टुपुर स्थित ऐतिहासिक जुबिली पार्क से होकर गुजरनेवाली सार्वजनिक सड़क को टाटा स्टील द्वारा बंद करने का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. सत्ता धारी दल कांग्रेस और झामुमो इसको लेकर जहां प्रशासन पर विपक्ष के इशारे पर चलने का आरोप लगा रही है, वहीं प्रशासन की चुप्पी पर आम लोग अब आंदोलन की तैयारी में जुट गए हैं. हालांकि इसे तानाशाही का हद कहा जाए तो गलत नहीं होगा. टाटा का पूरा साम्राज्य लीज के जमीन पर है, लीज समझौते के तहत टाटा समूह को सीएसआर के तहत कई नागरिक सुविधा मुहैया कराना है, लेकिन टाटा समूह हर योजना का व्यवसायीकरण करने का कोई मौका नहीं छोड़ना चाहती है यही कारण है कि सड़क चौड़ीकरण से लेकर पार्क में प्रवेश तक प्रतिबंध लगाकर टाटा समूह सरकार और प्रशासन के साथ मिलकर आम जनता की सुविधाओं को ताक पर रख रहा है. आखिर टाटा समूह को ताकत कौन दे रहा है, जनमानस से लेकर राजनीतिक दल यहां तक कि सत्ताधारी दल भी जुबिली पार्क में प्रवेश को लेकर लगाए गए पाबंदियों का विरोध जता रही है और प्रशासन और सरकार मामले पर चुप्पी साधे हुए है. बहरहाल शनिवार को एकबार फिर से जमशेदपुर के पूर्व सांसद डॉक्टर अजय कुमार जो कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता हैं जुबिली पार्क पहुंचे और जुबिली पार्क के मुद्दे पर मीडिया के माध्यम से जिले के उपायुक्त और सरकार को अवगत कराने की बात कही. उनके साथ कांग्रेस नेता धर्मेंद्र सोनकर, फिरोज खान और आनंद बिहारी दुबे भी थे. डॉ अजय कुमार ने चेतावनी देकर जनांदोलन करने की बात भी कही. वैसे डॉक्टर अजय ने शाहवासियों से जात- पात, धर्म और संप्रदाय के मुद्दों से ऊपर उठकर अपना जनप्रतिनिधि चुनने की अपील की. उन्होंने कहा जिन्हें जनप्रतिनिधि चुनकर क्षेत्र की जनता ने सदन भेजा आज जनमुद्दों पर चुप्पी साध रखे हैं. वैसे आखिर कब तक जुबिली पार्क राजनीति के कोठे पर नाचेगा ये तो वक्त ही बताएगा, मगर इतना तो तय है कि जुबिली पार्क के मुद्दे पर शाहवासियों की गोलबंदी जनप्रतिनिधियों को महंगा जरूर पड़ेगा.

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