jamshedpur-medica-closure-जमशेदपुर के मेडिका अस्पताल के बंदी को लेकर पूर्व मंत्री सरयू राय ने लिखा टाटा स्टील के वीपी, सीएम समेत अन्य को पत्र, कहा-कोविड अस्पताल खोलकर तत्काल इस पहलु का सुखद अंत करें

राशिफल

जमशेदपुर : झारखंड के पूर्व मंत्री और जमशेदपुर पूर्वी के विधायक सरयू राय ने एक पत्र टाटा स्टील के वीपी सीएस सुनील भाष्करण को लिखा है. इस पत्र में श्री राय ने मेडिका अस्पताल के वर्तमान और भविष्य को सुखद करने की अपील भी की है. उन्होंने अपने पत्र में लिखा है कि कुछ दिन पहले टाटा स्टील के वीपी सीएस से दूरभाष पर हुई बातचीत में उन्होंने मेडिका अस्पताल के बंद होने के पीछे का कारण जानने की जिज्ञासा की थी. इस बीच 4 अगस्त को सरयू राय ने झारखंड सरकार के मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, स्वास्थ्य मंत्री, स्वास्थ्य सचिव को पत्र लिखकर जानना चाहा था कि मेडिका अस्पताल के बंद होने का कारण क्या है ? 24 दिन के बाद भी इन लोगों ने सरयू राय को इसका उत्तर नहीं दिया. श्री राय ने कहा है कि वे मेडिका अस्पताल के प्रबंधन से भी कारण जानना चाहा. पर गोलमटोल बात होकर रह गई. श्री राय ने कहा है कि सूचना है कि जिस ट्रस्ट द्वारा पूर्व में कांतिलाल मेमोरियल अस्पताल चलाया जाता था और जिसने 5 साल पहले एक समझौता के तहत इसका संचालन मेडिका को सौंप दिया था, उस ट्रस्ट के संचालन में टाटा स्टील के वरीय पदाधिकारी महत्वपूर्ण भूमिका में हैं. फिर भी इस अस्पताल का बंद हो जाना कुछ विचित्र है. कोविड-19 के संकट काल में एक अस्पताल का इस भांति शहीद हो जाना शर्मनाक है. लगता है सरकार के स्तर से, ट्रस्ट के स्तर से या मेडिका के स्तर से कहीं न कहीं कोई गम्भीर चुक हुई है जिसका दुष्परिणाम जमशेदपुर को भुगतना पड़ रहा है. यह जनहित एवं जनस्वास्थ्य के प्रति घोर अन्याय है. एक बेबस, मूकदर्शक, किंकर्तव्यविमूढ़ की भांति इस बारे में जितने मुंह उतनी बातें सुनकर रोजाना कुंठित होना पड़ रहा है. प्रतिदिन जमशेदपुर में अपर्याप्त स्वास्थ्य संरचना के कारण कोविड पीड़ितों की परेशानियों से रूबरू होना पड़ रहा है. इससे आप भी भलिभांति अवगत हैं. श्री राय ने कहा है कि इस प्रकरण में राज्य सरकार की भूमिका भी अप्रिय एवं असंतोषप्रद प्रतीत हो रही है. इस बारे में संबंधित पक्षों का मौन टूटना चाहिये, असमंजस दूर होना चाहिये. मेडिका को कोविड अस्पताल घोषित कर दिया जाय तब ही लोगों को राहत मिलेगी। क्या यह उम्मीद की जा सकती है कि इस प्रकरण का अंत सुखद होगा ?

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