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शुक्रवार, मई 14, 2021
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jharkhand-congress-rajbhavan-march-कांग्रेस ने झारखंड में किया राजभवन मार्च, भाजपा और केंद्र सरकार को निशाने पर लिया, जमशेदपुर के कांग्रेसियों ने भी राजभवन मार्च में दिखाया दम

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राजभवन मार्च में शामिल डॉ अजय कुमार, विधायक बंधु तिर्की और प्रदीप यादव.

रांची : अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की अध्यक्षा सोनिया गांधी के निर्देश और प्रदेश प्रभारी आरपीएन सिंह, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ रामेश्वर उरांव तथा विधायक दल के नेता आलमगीर आलम के नेतृत्व में शुक्रवार को कांग्रेस पार्टी की ओर से रांची में किसान अधिकार दिवस का आयोजन किया गया. राजभवन मार्च के पूर्व मोराहाबादी मैदान में एक सभा भी आयोजित की गई जहां कांगेस के वरीष्ठ नेताओं ने प्रधानमंत्री के तानाशाह रवैये के खिलाफ जमकर निशाना साधा. मोरहाबादी मैदान से लेकर राजभवन मार्च तक आयोजित प्रदर्शन में कांग्रेस कार्यकर्ता तीन नये कृषि कानून, बढ़ती महंगाई और पेट्रोल-डीजल कानून के खिलाफ अपने हाथों में बैनर और तख्तियां लिये हुए थे. प्रदेश प्रभारी आरपीएन सिंह ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार ने किसानों के रीढ़ पर प्रहार किया है, अब बिना विलंब किये केंद्र सरकार इस नये काले कानून को वापस लें. उन्होंने कहा कि झारखंड में कांग्रेस गठबंधन की सरकार ने अपने वायदे के मुताबिक किसानों का ऋण माफ किया.

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प्रदर्शन में शामिल कांग्रेस के सारे बड़े नेतागण.

केंद्र में भी जब-जब कांग्रेस सरकार बनी किसानों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य में बढ़ोत्तरी किया गया, यूपीए सरकार में 70 हजार करोड़ रुपये के ऋण माफ किये गये, लेकिन अब केंद्र की भाजपा सरकार किसानों के साथ वादाखिलाफी में जुटी है. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सह राज्य के वित्त तथा खाद्य आपूर्ति मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव ने कहा कि यदि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर संविधान को मानते है, तो उन्हें किसानों की मांग को तुरंत मांग लेना चाहिए. उन्होंने कहा कि किसानों की मांग जायज है और हर तरीके से उचित है. कांग्रेस विधायक दल के नेता आलमगीर आलम ने कहा कि 51 दिन से किसान आंदोलनरत है, तीनों काले कानून को वापस लिया जाना ही इसका समाधान है. उन्होंने कहा कि बार-बार किसान प्रतिनिधियों के साथ केंद्र सरकार बातचीत कर रही है, लेकिन इसका कोई फलाफल नहीं मिल पा रहा है, इसलिए पार्टी भी यह मांग करती है कि जल्द से जल्द तीनों नये कृषि कानून को वापस ले लिया जाए. केंद्र सरकार किसानों को विश्वास में लेने में पूरी तरह से असफल हो चुकी है. कृषि मंत्री बादल पत्रलेख ने कहा कि गठबंधन की सरकार को किसानों के प्रति दर्द है , हमने अपने पहले ही वर्ष में दो हजार करोड़ कृषि ऋण माफ करके किसानों को एक सौगात देने का काम किया है, हमारा मानना है कि केंद्र की सरकार जानबूझकर किसानों को थकाने और हराने की साजिश कर रही है. मैं किसानों के बीच रहकर आया हूँ और मुझे उनकी दुख और पीड़ा का एहसास है, भाजपा के यह किसानों के प्रति तानाशाह रुख अपनाए हुए हैं जो देश के लिए सही नहीं है.

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जमशेदपुर के कांग्रेस अध्यक्ष विजय खां, विधायक बन्ना गुप्ता और सोनारी प्रखंड अध्यक्ष बंटी शर्मा.

स्वास्थ मंत्री बन्ना गुप्ता ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि 73 वर्षों में पहली बार किसानों को सड़कों पर आंदोलन को मजबूर करने वाली भाजपा की सरकार को यह देश कभी माफ नहीं करेगा, राजभवन मार्च में पूर्व सांसद और पूर्व आइपीएस डॉ अजय कुमार, पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा, सांसद गीता कोड़ा, विधायक प्रदीप यादव, बंधु तिर्की, दीपिका पांडेय सिंह, राजेश कच्छप, इरफान अंसारी, नमन विक्सल कोंगाड़ी, प्रदेश प्रवक्ता आलोक कुमार दुबे, लाल किशोरनाथ शाहदेव, राजेश गुप्ता छोटू, रवीन्द्र सिंह, विधायक पूर्णिमा नीरज सिंह, ममता देवी, सोना राम सिंकू समेत राज्य के विभिन्न जिलों से आये कार्यकर्ता उपस्थित थे. इस दौरान जमशेदपुर कांग्रेस के अध्यक्ष विजय खां के नेतृत्व में काफी संख्या में कांग्रेसियों ने राजभवन पर मार्च किया. इस दौरान सोनारी थाना कमेटी के अध्यक्ष बंटी शर्मा ने करीब एक सौ से अधिक कार्यकर्ताओं को लेकर रांची गये थे. कार्यक्रम में मुख्य रूप से प्रदेश अध्यक्ष कुमार गौरव, महासचिव डॉ परितोष सिंह, वरिष्ठ कांग्रेस नेता मनोज सिंह, जिलाध्यक्ष संजीव रंजन, सूरज यादव, बिजेंद्र साहु, पवन तिवारी, सुशील तिवारी, मिंटू हेम्ब्रम, दिनेश सिंह, रोहित पाल, सहित दर्जनों लोग शामिल हुए.

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