jharkhand-ex-cm-raghuvar-das-पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन समेत एक अखबार व चैनल पर ठोका 50 करोड़ के मानहानी का दावा, वंडर कार खरीद के मामले में भेजा लीगल नोटिस, 15 दिनों में सार्वजनिक तौर पर माफी मांगे नहीं तो करेंगे मुकदमा

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जमशेदपुर : झारखंड के एक हिंदी दैनिक अखबार तथा यूट्यूब चैनल मे चले समाचार के खिलाफ पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और अखबार और चैनल से जुड़े हुए लोगों को लीगल नोटिस भेजा है. इस नोटिस के अलावा उनके खिलाफ 50 करोड़ के मानहानी का दावा भी ठोंक दिाय गया है. पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास के ऊपर बेबुनियाद आरोप के संबंधित समाचार का प्रकाशन किया गया था. उक्त अखबार एवं यूट्यूब चैनल पर यह खबर प्रकाशित वह प्रचारित किया गया था कि “दक्षिण अफ्रीका में बन रही है रघुवर के सपनों की वंडर कार”. इस शीर्षक के अंदर यह खबर दिया गया था कि रघुवर दास ने एक वंडर कार का कंसाइनमेंट दिया था. खबर में कहा गया था कि मुख्यमंत्री रहते हुए रघुवर दास ने बेंटले कार की ऑर्डर वर्ष 2018 मे इंग्लैंड की एक कंपनी को दी थी जिसके एवज में उन्हें 40,00,000 रुपए का एडवांस राशि का भुगतान किया गया था तथा जब यह कंपनी ने अक्षमता जाहिर की तो इस कार का आर्डर दक्षिण अफ्रीका मे स्थित कंपनी को दे दिया गया था. साथ ही साथ यह समाचार प्रकाशित हुआ की नई सरकार के गठन के पश्चात मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन गाड़ी की मूल्य देखते हुए ऑर्डर को रद्द करने पर विचार कर रहे हैं क्योंकि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन इसे फिजूलखर्ची मानते हैं तथा साथ ही साथ यह बात भी लिखा गया था कि बेंटले कंपनी ने आर्डर के बारे में झारखंड सरकार को इ-मेल भेजा है जिसके बाद इसकी जानकारी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को हुई. पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास के अधिवक्ता विनोद कुमार साहू ने इस असत्य, झूठी एवं भ्रामक बेबुनियाद, गलत है, खबर फैलाने के लिए लीगल नोटिस हेमंत सोरेन के साथ-साथ संबंधित अखबार के संपादक एवं एजेंसी, प्रिंटर को दी है. साथ ही साथ अधिवक्ता विनोद कुमार साहू ने अपने मुव्वक्किल रघुवर दास के ऊपर लगाए गए आरोप के संबंध में कहा कि यह प्रयास उक्त अखबार एवं वर्तमान सरकार के संयुक्त प्रयास से छवि धूमिल करने के उद्देश्य से की गई है, इस कारण एक लीगल नोटिस हेमंत सोरेन, एक अखबार, एक अखबार के संपादक समेत अन्य पर 50 करोड़ का मानहानि का दावा ठोका है. साथ ही साथ लीगल नोटिस में अधिवक्ता विनोद कुमार साहू ने 15 दिन के अंदर सार्वजनिक रूप से माफी मांगने तथा मानहानि के राशि का भुगतान करने का निर्देश दिया है अन्यथा कोर्ट में दीवानी के साथ आपराधिक मुकदमा दायर करने का नोटिस भी दिया है.

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