jharkhand-mukti-morcha-crisis-झारखंड मुक्ति मोर्चा की मुश्किलें काफी अधिक, सीता सोरेन के सवालों पर क्यों चुप है गुरुजी शिबू सोरेन और सीएम हेमंत सोरेन, सीता ने फिर बोला है हमला, क्या कहा…

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रांची : झारखंड मुक्ति मोरचा के लिए मुश्किलें कम होता नजर नहीं आ रहा है. हालात यह है कि झामुमो की जामा से विधायक और खुद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की भाभी (गुरुजी शिबू सोरेन के बड़े बेटे स्वर्गीय दुर्गा सोरेन की विधवा) सीता सोरेन लगातार हमला बोल रही है. अपनी ही पार्टी के लोगों से वे नाराज है और अपने ही परिवार की इस आवाज को लेकर खुद गुरुजी और सीता सोरेन के ससुर शिबू सोरेन चुप है. शिबू सोरेन अभी दिल्ली के एम्स अस्पताल में स्वास्थ्य लाभ ले रहे है तो खुद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन इस मुद्दे पर चुप है. झामुमो के प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्या ने भी चुप्पी साध ली है और कोई कुछ बोलने को तैयार नहीं है. ऐसे में इस चुप्पी ने सीता सोरेन को और गुस्से में डाल दिया है. सीता सोरेन ने एक बार फिर से अपनी मंशा साफ कर दी है और अपने विरोध को जारी रखा है. इस मामले में सीता सोरेन की बेटी ने भी साथ दिया है. सीता सोरेन ने शनिवार को अपने ट्विटर हैंडल से कहा है ”मेरी बेटियां को भी राजनीतिक रूप से अच्छाई और बुराई का बोध हो चुका है हक की लड़ाई का जज्बा इनके आंदोलनकारी खून में है इनमें भी अपने दादा एवं पिता की तरह वही जोश वही जुनून है। इनके जोश और जुनून देखकर मेरी हिम्मत और ताकत दोगुनी हो गई है। हमसे हमारा हक मान सम्मान कोई नहीं छीन सकता”. इस ट्विट से यह साफ हो गया है कि सीता सोरेन चुप नहीं बैठने वाली है और झामुमो में अपनी आवाज को बुलंद करती रहेगी. उनकी नाराजगी पार्टी के महासचिव बिनोद पांडेय से है और अपनी ही पार्टी में अपनी ही उपेक्षा से नाराज है, जिसको लेकर उन्होंने गुरुजी शिबू सोरेन को दो दिनों पहले पत्र लिखा था, जिसको लेकर अब तक कोई जवाब नहीं मिला है. इसको लेकर सीता सोरेन की नाराजगी बढ़ती जा रही है.

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