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jharkhand-rajyasabha-election-झारखंड के राज्यसभा चुनाव में भाजपा को मिला आजसू का साथ, सरयू भी दीपक प्रकाश का दे सकते है साथ, अंकगणित जुटाने के लिए कांग्रेस मंझधार में फंसी

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सुदेश महतो के घर पर दीपक प्रकाश और बाबूलाल मरांडी से बात करते सुदेश महतो.

रांची : झारखंड में 2 सीटों पर राज्‍यसभा चुनाव 19 जून को होने वाला है. यूपीए की ओर से चुनाव मैदान में झामुमो के गुरुजी शिबू सोरेन के अलावा कांग्रेस के शहजादा अनवर चुनाव मैदान में हैं जबकि भाजपा की ओर से प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश मैदान में हैं. राज्यसभा चुनाव के लिए झारखंड कोटे से खाली हो रही दो सीटें की जीत का गणित साफ नजर आ रहा है, झामुमो से शिबू सोरेन व भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश का जीतना लगभग तय है. तीन सीटों के लिए मतदान होना है, जिसके लिए हॉस ट्रेडिंग की संभावना बढ़ जाती है. चुनाव के दौरान सत्ताधारी खरीद-फरोख्त कर सकते है. वैसे झारखंड का खरीद-फरोख्त का इतिहास भी रहा है. हॉस ट्रेडिंग की स्थिति नहीं बने इसके लिए विधायक सरयू राय ने कांग्रेस के नेताओं से कहा कि था कि सर्वसम्मति से कांग्रेस अपना उम्मीदार वापस ले लेकिन कांग्रेस विधायक दल के नेता आलमगीर आलम ने कहा कि यह संभव नहीं है. सरयू राय ने कहा कि अगर कांग्रेस अपना उम्मीदवार वापस लेती है तो झामुमो के शिबू सोरेन व भाजपा के दीपक प्रकाश निविर्रोध चुने जाएंगे, जिससे झारखंड की छवि सुधर सकती है. झारखंड गठन के बाद से ही राज्य में राज्यसभा चुनाव में हॉस ट्रेडिंग का मामला हुआ जिससे झारखंड के नाम पर धब्बा लगते रहा है इसलिए विधायक सरयू राय ने इस मामले को उठाया था. लेकिन मंत्री आलमगीर आलम के बयान से लगता है कि चुनाव के लिए वोटिंग करना ही पड़ेगा. अगर चुनाव होते है तो शिबू सोरेन व दीपक प्रकाश की जीत तय है. कांग्रेस भी समझ रही है कि अंकगणित जुटाना आसान नहीं है. एक-दो विधायक की बात रहती तो किसी तरह गुणा भाग करके समीकरण जुगाड़ कर पाते लेकिन 27 का आंकड़ा किस प्रकार हासिल होगा. विदित हो कि झारखंड में राज्यसभा चुनाव के लिए मौजूदा 79 विधायक ही अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे और जीत के लिए एक प्रत्याशी को 27 विधायकों का समर्थन चाहिए. अगर 81 विधायको की संख्या होती तो जीत के लिए 28 विधायकों के समर्थन की आवश्यकता होती. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के दुमका सीट छोडऩे के बाद भी झामुमो विधायकों की संख्या 29 है. झामुमो सुप्रीमो शिबू सोरेन को उच्च सदन पहुंंचने से कोई नहीं रोक सकता. वहीं, भाजपा की बात करें तो बाबूलाल मरांडी के साथ आने के बाद उनके विधायकों की संख्या बढ़कर 26 हो गई है. आजसू के दो विधायकों का सहयोग मिलना भी तय है. दीपक प्रकाश के नामांकन पत्र में आजसू विधायक लंबोदर महतो ने बतौर प्रस्तावक हस्ताक्षर भी किए थे. बुधवार को राज्यसभा चुनाव के मद्देनजर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और प्रत्याशी दीपक प्रकाश ने आजसू सुप्रीमो सुदेश महतो से उनके आवास पर जाकर मुलाकात की. सुदेश महतो ने लगभग समर्थन दे ही दिया है जबकि दूसरे विधायक प्रस्तावक ही है. वहीं, सरयू राय ने भी संकेत दे दिये है कि वे भाजपा के साथ है और दीपक प्रकाश ने सरयू राय से भी मुलाकात कर समर्थन मांगा हैह. झाविमो छोड़कर कांग्रेस में आए प्रदीप यादव और बंधु तिर्की को भी इस गणित में शामिल कर लें तो इनकी संख्या 17 होती है, राजद के साथ आने से आंकड़ा 18 पहुंच जाता है. झामुमो के दो अतिरिक्त विधायकों का वोट, एनसीपी और माले का सहयोग भी कांग्रेस की नैया पार नहीं लगा सकता.

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सत्ता पक्ष का अंकगणित
झामुमो : 29
कांग्रेस : 15+2
राजद : 1
एनसीपी : 1
भाकपा माले : 1

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विपक्ष का अंकगणित
भाजपा : 25+1
आजसू : 2
निर्दलीय : 2

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