spot_imgspot_img

Global Statistics

All countries
355,624,103
Confirmed
Updated on January 25, 2022 10:31 AM
All countries
280,088,047
Recovered
Updated on January 25, 2022 10:31 AM
All countries
5,623,215
Deaths
Updated on January 25, 2022 10:31 AM
spot_img

jharkhand-t-shirt-chocolate-scam-झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास के खिलाफ विधानसभा समिति ने टी-शर्ट और चॉकलेट घोटाले की जांच कराने की अनुशंसा की, इसी कमेटी के चेयरमैन भाजपा के ही विधायक और पूर्व मंत्री है, लेकिन सरयू राय के सवाल पर जांच कराने का कर दी अनुशंसा, देखिये क्या है यह मामला

Advertisement
Advertisement

रांची : झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास के खिलाफ विधानसभा की अनागत प्रश्न क्रियांवयन समिति ने जांच कराने की अनुशंसा कर दी है. इस कमेटी के चेयरमैन रघुवर दास सरकार में ही स्वास्थ्य मंत्री रहे भाजपा विधायक रामचंद्र चंद्रवंशी ने ही कर दी है. इस कमेटी में रघुवर दास सरकार में शिक्षा मंत्री रही भाजपा विधायक नीरा यादव और मनीष जायसवाल भी है. इस कमेटी में झामुमो से मथुरा महतो और बहरागोड़ा से विधायक समीर मोहंती शामिल है. दरअसल, विधानसभा की यह अनागत प्रश्न क्रियांवयन समिति वह समिति है, जो विधानसभा में विधायकों के सवाल नहीं उठते है, उसकी समीक्षा करती है और फिर उसका क्रियांवयन करती है. इन सवालों का जवाब देती है. जमशेदपुर पूर्वी से विधायक सरयू राय ने एक मामला उठाया था और इस समिति को भेजा था कि राज्य स्थापना दिवस 2016 के अवसर पर प्रभात फेरी के निमित वितरित टी शर्ट और चॉकलेट की हुई खरीददारी की उच्चस्तरीय जांच करायी जाये. सरयू राय विधानसभा में यह सवाल नहीं उठा पाये थे, जिसको अनागत समिति को भेज दी थी. इसके बाद अनागत समिति ने इसकी जांच की. भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी और पूरी कमेटी ने जांच कराने की अनुशंसा कर दी है. अब यह कमेटी विधानसभा अध्यक्ष को अपनी रिपोर्ट मार्च में ही सौंप दी है. (नीचे देखे क्या है पूरा मामला)

Advertisement
सरयू राय और रघुवर दास.

जानें क्या है यह टी-शर्ट चॉकलेट का घोटाला
आपको बता दें कि यह मामला झारखंड हाईकोर्ट में भी है और इस मामले में गुरुवार को ही हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब तलब किया है. इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को एक पत्र सरयू राय ने लिखा है और कहा है कि मैनहर्ट घोटाला से अधिक गंभीर है टॉफी-टी शर्ट घोटाला. श्री राय ने कहा है टॉफी, टी-शर्ट, गीत-संगीत, साज-सज्जा घोटाला बड़ा घोटाला है. इस घोटाला के सभी केंद्रीय पात्र जमशेदपुर से जुड़े हैं. यह घोटाला वर्ष 2016 और 2017 में 15 नवम्बर को हुए झारखंड राज्य स्थापना दिवस समारोह के आयोजन में स्कूली बच्चों के बीच टॉफी-टी शर्ट बांटने और गीत-संगीत की महफिल सजाने तथा रांची शहर की साज-सज्जा से संबंधित हैं. इस घोटाला की जांच विधानसभा की अनागत प्रश्न क्रियान्वयन समिति कर रही है. इस मामले में झारखंड उच्च न्यायालय में भी एक रिट याचिका पर सुनवाई चल रही है. श्री राय ने कहा है कि समय कम होने का बहाना बनाकर राज्य स्थापना दिवस समारोह, 2016 की सुबह प्रभात फेरी में शामिल होने वाले बच्चों को देने के लिए एक प्रिंटेड टी-शर्ट और टॉफी का एक पैकेट बिना निविदा निकाले मनोनयन के आधार पर खरीदा गया था. टॉफी की खरीद जमशेदपुर के सिदगोड़ा के लल्ला इंटरप्राईजेज से और टी शर्ट की खरीद जमशेदपुर के कदमा निवासी प्रकाश शर्मा के माध्यम से कुडु फैब्रिक्स, लुधियाना से दिखाई गई. प्रारम्भिक जांच में पता चला कि वर्ष 2016-17 में लल्ला इंटरप्राईजेज ने न तो एक भी टॉफी खरीदा और न ही बेचा, परंतु एक साजिश के तहत सरकार से 35 लाख रूपये का चेक ले लिया और उस पर बिक्री कर (वैट) का करीब 4 लाख रूपये का भुगतान कर दिया. वाणिज्य कर विभाग ने टॉफी की बिक्री छुपाने के लिये लल्ला इंटरप्राईजेज पर 17 लाख रूपये से अधिक का जुर्माना लगा दिया है. कुडु फैब्रिक्स, लुधियाना के स्थानीय एजेंट कदमा, जमशेदपुर निवासी प्रकाश शर्मा के माध्यम से 5 करोड़ रूपये की टी शर्ट की ख़रीदी लुधियाना के कुडु फैब्रिक्स से दिखाई गई है. पर झारखंड सरकार के वाणिज्य कर विभाग ने इसके लिये रोड परमिट नहीं दिया है. टी शर्ट की इतनी बड़ी खेप लुधियाना से रांची, जमशेदपुर, धनबाद सड़क मार्ग से आयी या रेल मार्ग से आयी, इसकी सूचना वाणिज्य कर विभाग को नहीं है. पर भुगतान पूरा हो गया है. अब झारखंड सरकार के वाणिज्य कर विभाग ने पंजाब सरकार से इस बारे में जानकारी मांगा है. 15 नवम्बर 2016 को पूर्व निर्धारित मनोरंजन कार्यक्रमों के बीच एक घंटा के लिए फिल्मी पार्श्व गायिका सुनिधि चौहान का गीत कार्यक्रम रखा गया. 9 नवम्बर 2016 को तत्कालीन मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में मुख्यमंत्री के वरीय आप्त सचिव ने सुनिधि चौहान को बुलाने का प्रस्ताव रखा जिस पर करीब 44 लाख रूपया का खर्च बताया. प्रस्ताव स्वीकृत हो गया. परंतु इस पर कुल भुगतान दिखाया गया 55 लाख रूपया से अधिक. यह भी बताया गया है कि इसके तीन दिन पहले 6 नवम्बर 2016 को छठ पर्व पर सूर्य मंदिर परिसर, जमशेदपुर में सुनिधि चौहान का गीत कार्यक्रम हुआ था. तत्कालीन मुख्यमंत्री ही उस समय तथाकथित सूर्य मंदिर समिति के संरक्षक थे. सरकार ने तो 15 नवम्बर के सुनिधि चौहान के एक घंटा के प्रोग्राम के लिये 55 लाख रूपया से अधिक का भुगतान किया. पर सवाल है कि सूर्य मंदिर समिति ने उन्हें कितने का भुगतान किया? या सरकार ने ही दोनों कार्यक्रमों का भुगतान कर दिया. इसके अतिरिक्त रांची शहर में एक दिन के सजावट पर बिजली विभाग ने 15 नवंबर 2016 को 4 करोड़ रूपया से अधिक खर्च दिखाया है. यह खर्च 2017 में करीब 2 करोड़ रूपया है. 2016 के कार्यक्रम में कुल खर्च करीब 9.50 करोड़ रूपया दिखाया है, जबकि यही खर्च 2017 के राज्य स्थापना दिवस पर करीब 12 करोड़ रूपया से अधिक दिखाया गया है. 2017 में प्रभात फेरी के लिये टॉफी की खरीद माँ लक्ष्मी भंडार, जुगसलाई से और टी-शर्ट की खरीद आदित्यपुर के प्रतीक फैबनिट से की गई.

Advertisement
Advertisement
WhatsApp Image 2020-06-13 at 7.45.22 PM
IMG-20200108-WA0007-808x566
WhatsApp Image 2020-06-13 at 7.45.22 PM (1)
WhatsApp_Image_2020-03-18_at_12.03.14_PM_1024x512
previous arrow
next arrow

Leave a Reply

spot_img

Must Read

Related Articles

Don`t copy text!