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jharkhand-vidhansabha-saryu-roy-झारखंड विधानसभा में विधायक सरयू राय से सरकार की हुई बड़ी किरकिरी, सदन में ”सरयू” ने लाया ”राजनीतिक उफान”, कहा-सरकार अगर गलत तो विधानसभा अध्यक्ष दोषी पर कार्रवाई करवाये, नहीं तो हम विधानसभा से देंगे इस्तीफा, क्या है पूरा मामला जानें

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रांची : झारखंड विधानसभा में उस समय विधायक सरयू राय के सवाल पर झारखंड सरकार बैकफुट पर आ गयी, जब विधायक सरयू राय ने यह कह दिया कि सरकार के मंत्री चंपई सोरेन सरकार का पक्ष गलत रख रहे है और गलत जवाब सरकार दे रही है. गुस्साएं विधायक सरयू राय ने कहा कि यदि सरकार का उत्तर सही हो जायेगा तो वे कल ही विधानसभा से त्यागपत्र दे देंगे और नहीं तो गलत उत्तर देने वाले मंत्री के खिलाफ कार्रवाई किया जायेगा. इसके बाद माहौल गर्म हो गया. इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो ने नियमन दे दिया कि तत्काल मंत्री स्वयंत्र जाकर मामले को देखें. हालांकि, व्यस्तता के कारण मंत्री स्पॉट पर नहीं गये. यह मामला नदियों के प्रदूषण का था. दरअसल, यह सवाल सरयू राय ने उठाया कि हरमू नदी के किनारे गंदगी का अंबार है और नदियों की सफाई नहीं हो रही है जबकि वह स्वर्णरेखा नदी और हरमू के नदी का मिलन स्थल है. वहां सफाई का भी इंतजाम किया गया था, लेकिन धरातल पर कुछ नहीं हो रहा है. विधानसभा में सरयू राय अल्पसूचित सवाल उठा रहे थे. यह नगर विकास विभाग और वन, पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन विभाग के अधीन आता है. इस पर मंत्री चंपई सोरेन जवाब दे रहे थे कि वहां काम चल रहा है. सफाई भी हो रही है. इसके बाद सरयू राय गुस्से से लाल हो गये. सरयू राय ने कहा कि कहा कि मंत्री का उत्तर शत-प्रतिशत गलत है. इसको वे चुनौती देते है. मंत्री उनके साथ अभी हरमू नदी के किनारे चले, साथ में दो-तीन विधायकों को भी विधानसभा अध्यक्ष जाने का निर्देश दें. यदि सरकार का उत्तर सही होगा तो वे कल विधानसभा से त्यागपत्र दे देंगे और नहीं तो गलत उत्तर देने वाले के खिलाफ मंत्री कार्रवाई करें. इसके बाद अध्यक्ष ने नियमन दिया कि मंत्री स्वयं जाकर देखें. व्यस्त रहने के कारण मंत्री नहीं गये. परन्तु सरयू राय हरमू और स्वर्णरेखा के मिलन स्थल पर पहुंच गये. स्थिति ऐसी है कि बिना नाक पर रूमाल रखे कोई वहां खड़ा नहीं हो सकता है. सरयू राय ने कहा कि उनके जाने से पहले नगर विकास विभाग, जुडको के चार अधिकारी वहां पहुंच चुके थे. ईगल नामक किसी कम्पनी का सुपरवाईजर, विकास कुमार वहाँ पहले पहुंच गया था और सिवरेज ट्रीटमेंट प्लांट को चालू कर दिया था. आसपास के रहने वालों ने एक स्वर में कहा कि यह लोग यहां पहली बार दिखाई पड़ रहे हैं. श्री राय वहां से रलौटकर विधानसभा में अपना वक्तव्य दिये और कहा कि नगर विकास विभाग और वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग दोनों ही मुख्यमंत्री के विभाग है. यदि इन दोनों विभागों के अधिकारियों की कार्य-संस्कृति ऐसी ही रही तो यह जनता के प्रति धोखा है, सरकारी धन की खुली लूट है और विधानसभा की अवमानना है. विधानसभा अध्यक्ष ने आश्वासन दिया कि वे इस पर कार्रवाई करेंगे. सरयू राय ने कहा है कि वे इस बारे में मुख्यमंत्री को बुधवार को ज्ञापन सौंपेंगे. मुख्य सचिव से मिलेंगे और उन्हें बतायेंगे कि राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी किस तरह से जनता को धोखा दे रहे है और विधानसभा की अवमानना कर रहे है. विधानसभा सत्र में इस बारे में अवमानना का एक प्रस्ताव भी सरयू राय बुधवार को लायेंगे. यदि राज्य सरकार दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं करेगी तो वे नदियों के प्रदूषण के मामले में सरकार के विरूद्ध मोर्चा खोलेंगे. सरयू राय ने कहा कि हरमू नदी राज्य की राजधानी रांची में स्थित है. वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अधिकारियों ने दामोदर, स्वर्णरेखा और राज्य की अन्य नदियों के बारे में इस तरह की गलतबयानी की है और बताया है कि नदियों का कोई भी प्रदूषण नगरपालिका क्षेत्र से नहीं हो रहा है.

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