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गुरूवार, मई 6, 2021
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jharkhand-visit-of-central-steel-minister-झारखंड के दौरे पर पहुंचे केंद्रीय इस्पात व पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, राज्यपाल और मुख्यमंत्री से मिले, अभाविप के सम्मेलन में भाग लेने पहुंचे, एनएसयूआइ ने दिखाया काला झंडा-video-केंद्रीय इस्पात मंत्री धर्मेंद्र प्रधान बोले-पश्चिम सिंहभूम के गुवा और मेघाहातूबुरू माइंस का होगा विस्तार, सेल और झारखंड का विकास

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रांची : देश के इस्पात और पेट्रोलियम मंत्री (स्टील) धर्मेंद्र प्रधान झारखंड के दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे. उनका रांची एयरपोर्ट पर भव्य स्वागत किया गया. वे झारखंड पहुंचने के बाद राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू से शिष्टाचार मुलाकात की. इसके बाद वे मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से रांची के कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवास में केन्द्रीय इस्पात और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने मुलाकात की. मुख्यमंत्री से यह उनकी शिष्टाचार भेंट थी. मौके पर केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान एवं मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने एक दूसरे को नववर्ष की शुभकामनाएं दीं. झारखंड के दौरे पर पहुंचे केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान रांची में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) के प्रांतीय सम्मेलन में भाग लेने के लिए पहुंचे थे. अभाविप के सम्मेलन में शामिल होने के लिए आये धर्मेंद्र प्रधान का कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआइ ने विरोध भी किया.

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इस दौरान कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने उनका रास्ता रोकने की कोशिश की. उनको काला झंडा भी दिखाया. इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता पुलिसकर्मियों से उलझ गये. हिनू चौक के पास कांग्रेसियों ने विरोध प्रदर्शन किया. इसके बीच वे सीधे भाजपा के कार्यालय भी चले गये. भाजपा के प्रदेश कार्यालय में अधिकारियों के साथ मीटिंग की. इसके बाद मीडिया से बातचीत की. उन्होंने यहां मीडिया से बातचीत भी की. मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि पश्चिम सिंहभूम जिले के गुवा और मेघाहातुबूरु के माइंस का विस्तार किया जायेगा. इसके विस्तार से स्टील ऑथोरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) के साथ-साथ झारखंड का विकास हो सकेगा. आपको बता दें कि पश्चिम सिंहभूम जिले में 1443.756 हेक्टेयर खदान में खनन का कार्य गुवा में किया जा रहा है, जिसका लीज डीड 2029 तक के लिए बढ़ा दिाय गया है. वर्तमान में सेल 2.5 मिलियन टन लौह अयस्क उत्पादन प्रति वर्ष कर रही है. इसका विस्तार 10 से 12 मिलियन टन तक करने की तैयारी की जा रही है. पश्चिम सिंहभूम में सेल की किरीबुरु, मेघाहातुबुरू, गुवा और चिरिया माइंस संचालित हो रहा है.

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