Horseshoe-Effect : दुकान, प्रतिष्ठान में इस धातु को लगायें, शनिदेव को शांत करने के साथ व्यवसाय में भी होती है तरक्की, जानें कौन सी है धातु, अपने प्रतिष्ठान में कैसे लगायें

राशिफल

जमशेदपुर : शनिदेव को लोहे से बनी धातु की चीजें बहुत प्रिय होती है. शनि की दशा या साढ़े साती होने पर भी इसका प्रयोग किया जाता है. वैसे तो किसी भी घोड़े की नाल बहुत प्रभावशाली होती है लेकिन यदि काले घोड़े के अगले दाहिने पांव की पुरानी नाल हो तो यह कई गुना अधिक प्रभावशाली हो जाती है. जिस किसी की कुंडली में शनि की महादशा और अन्तर्दशा चल रही हो उसे तमाम तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, धातुओं और ग्रहों का आपस में बहुत गहरा संबंध होता है. यदि ग्रह विपरीत हो, तो व्यक्ति के जीवन पर नकारात्मक असर होता है. ग्रह संबंधी धातु धारण करने से यह शांत हो जाते हैं. वहीं दुकान, कार्यालय समेत अपने व्यवसायिक प्रतिष्ठानों में भी इसे लगाने से व्यवसाय में तरक्की होती है. इस संबंध में हम नीचे चर्चा करेंगे. (नीचे भी पढ़ें)

ऐसी होती है काले घोड़े की नाल
काले घोड़े की नाल का आकार अंग्रेजी के U अक्षर के जैसा होता है. यह मजबूत लोहे की बनी होती है. इसका प्रमुख कार्य घोड़े के पैर को सुरक्षा प्रदान करना है. साथ ही कहा जाता है कि जिस तरह घोड़े की नाल घोड़े के पैर की सुरक्षा करती है उसी तरह यह घर की भी सुरक्षा करती है. यही कारण है कि लोग इसे अपने मुख्य द्वार पर लगाते हैं. और इसके लगाने से घर में किसी प्रकार की नाकारात्मक उर्जा प्रवेश नहीं कर पाती है. (नीचे भी पढ़ें)

शनि के दुष्प्रभवों से बचने के लिए पहनें छल्ला
घोड़े की नाल के छल्ले का उपयोग हर क्षेत्र में बहुत ही शुभ माना जाता है. सामान्यतया इसका प्रयोग शनि के दुष्प्रभावों और बुरी आत्माओं से बचने के लिए किया जाता है. इसलिए इसे शनि का छल्ला भी कहा जाता है. इसे दाहिने हाथ की माध्यम अंगुली में धारण करना अच्छा माना जाता है. क्योंकि इसी उंगली के नीचे शनि पर्वत होता है. जो व्यक्ति इसे धारण करता है उसके जीवन में सुख संपत्ति और समृद्धि आती है. (नीचे भी पढ़ें)

शनिदेव के अशुभ प्रभावों की शांति हेतु लोहा धारण किया जाता है, लेकिन यह लौह मुद्रिका सामान्य लोहे की नहीं बनाई जाती। काले घोड़े की नाल, जो नाल खुद ही घोड़े के पैरों से निकल गई हो, उस नाल को शनिवार को सिद्ध योग में प्राप्त कर उपयोग करना चाहिए. व्यवसाय में तरक्की के लिए घोड़े की नाल को शनिवार को प्राप्त कर, उसका शुद्धिकरण करके व्यापारिक प्रतिष्ठान में ऐसी जगह लगाया जाता है. जहां से प्रत्येक ग्राहक को वह स्पष्ट दिखाई दे. नाल को इस प्रकार लगाया जाता है कि उसका खुला भाग ऊपर की ओर रहे.

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