pitrpaksh-mahalya : पितरों को तर्पण के साथ ही पितृपक्ष का समापन, एक माह बाद शुरू होगा शारदीय नवरात्र

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Jamshedpur : आज अश्विन मास कृष्ण पक्ष अमावस्या के दिन 15 दिनों से चले आ रहे पितृपक्ष का समापन हो गया. वैसे आज महालया भी है. यानी पितरों को तर्पण के बाद देवी का आह्वान किया गया. मान्यता है कि अपने वंशजों से मुक्ति एवं उन्हें आशीर्वाद देने पितृपुरुषों की आत्माएं प्रेतलोक से मृत्यु लोक यानी धरती पर आते हैं. जहां पितृपक्ष के अंतिम दिन यानी महालया के दिन पितृपुरुषों की आत्माएं अपने वंशजों से तिलांजलि लेकर वापस प्रेतलोक के लिए चले जाते हैं. इसके बाद देवी पक्ष की शुरुआत होती है. वैसे इस साल मलमास होने के कारण एक माह बाद यानी 17 अक्टूबर को शारदीय नवरात्र के लिए कलश स्थापना होगी. पितृपक्ष के अंतिम दिन नदियों के तट पर पितरों का तर्पण किया जाता है. इधर जमशेदपुर के स्वर्णरेखा और खरकई नदी के तट पर भी गुरुवार को ऐसा ही नजारा देखने को मिला. जहां लोग मृत आत्माओं के शांति के लिए तर्पण करते और उनके मोक्ष के लिए दान करते देखे गए.

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