csir-nml-goa-student-visit-सीएसआईआर-एनएमएल का गोवा के स्कूली छात्रों ने किया भ्रमण, छात्रों ने इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोपिक तकनीक समेत ई-वेस्ट से बनने वाली धातुओं के निष्कर्षण को जाना

राशिफल

जमशेदपुर : जमशेदपुर के सीएसआईआर-राष्ट्रीय धातुकर्म प्रयोगशाला (एनएमएल) में मंगलवार को प्रयोगशाला में एक दिवसीय भ्रमण का आयोजन किया गया. यह कार्यक्रम गोवा के छात्रों और शिक्षकों के लिए आयोजित किया गया. एक भारत श्रेष्ठ भारत छात्र विनिमय कार्यक्रम के अंतर्गत गोवा के छात्रों ने जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय का दौरा किया. पचास छात्र और गोवा के चार शिक्षकों में मधुराज किरण नाइक, शिवानी गडकरी, वल्लभ बर्वे, अर्चना एस. हुडेकर और चार शिक्षक में डॉ श्वेता प्रसाद, डॉ कीया बनर्जी, डॉ सरिता कुमारी, जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय के प्रभात कुमार महतो ने सीएसआईआर-एनएमएल का दौरा किया. (नीचे भी पढ़ें)

छात्रों ने सीएसआईआर-एनएमएल के विभिन्न प्रभागों का भ्रमण किया. भ्रमण के दौरान सीएसआईआर-एनएमएल के छात्र ने इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोपिक तकनीक (स्कैनिंग इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोप (एसईएम)), एक्स-रे डिफ्रैक्शन मशीन, क्रीप और अन्य यांत्रिक परीक्षण उपकरण, रोलिंग और फोर्जिंग तकनीक के बारे में जानकारी प्रदान की. एसइएम इमेज में मिश्र धातु की सूक्ष्म स्तर की विशेषताओं के बारे में जानने के लिए छात्रों ने बहुत रुचि दिखाई दी. वैज्ञानिकों ने छात्रों को समझाया कि सूक्ष्म संरचना कैसे मिश्र धातुओं के यांत्रिक गुणों को प्रभावित करती है. छात्र ने सीएसआईआर-एनएमएल के धातु निष्कर्षण और पुनर्चक्रण प्रभाग के शहरी अयस्क पुनर्चक्रण केंद्र का भी भ्रमण किया. वैज्ञानिकों और प्रयोगशाला के कर्मचारियों ने ई-कचरे के पुनर्चक्रण का प्रदर्शन किया. (नीचे भी पढ़ें)

ई-वेस्ट (पीसीबी मदरबोर्ड, लिथियम आयन बैटरी, मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक कचरे) से सोना, चांदी, कोबाल्ट, पैलेडियम, प्लेटिनम, निकल और तांबे जैसी कीमती धातुओं के निष्कर्षण के बारे में जानने के लिए छात्र बहुत उत्साहित थे. इसके अलावा, छात्रों ने सीएसआईआर एनएमएल के कई अन्य उपकरणों और सुविधाओं का दौरा किया, जिसमें वर्कशॉप, पुस्तकालय, संग्रहालय आदि शामिल हैं.

Must Read

Related Articles