jamshedpur-csir-nml-45 दिनों तक चलने वाले सीएसआईआर एकीकृत कौशल कार्यक्रम में भारत में 100 से अधिक छात्रों ने लिया हिस्सा, दिया गया समझाने की क्षमता विकसित करने के टिप्स

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जमशेदपुर : सीएसआईआर एकीकृत कौशल पहल कार्यक्रम के तहत “वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद” द्वारा शुरू किया गया. कौशल विकास का यह राष्ट्रीय कार्यक्रम जून और जुलाई माह के दौरान एक प्रशिक्षण कार्यक्रम के तौर पर किया जा रहा. यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 45 दिनों का है और इसका शीर्षक “सामग्री और धातुकर्म इंजीनियरिंग पर औद्योगिक अनुसंधान एवं विकास प्रशिक्षण” है. इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य इंजीनियरिंग के छात्रों को सामग्री और धातुकर्म इंजीनियरिंग के क्षेत्र में सैद्धांतिक अवधारणाओं पर उनकी रोजगार क्षमता और उद्योग-उन्मुख कौशल में सुधार करने के लिए प्रशिक्षण तथा सही दिशा प्रदान करना है. इस प्रशिक्षण कार्यक्रम से सामग्री और धातुकर्म इंजीनियरिंग के विभिन्न क्षेत्रों में प्रतिभागियों को समझने की शक्ति को विकसित करना है. इन क्षेत्रों में खनिज प्रसंस्करण, प्रक्रिया धातु विज्ञान, सामग्री लक्षण वर्णन, उन्नत सामग्री और कम्प्यूटेशनल सामग्री विज्ञान शामिल हैं. (नीचे भी पढ़ें)

14 जून को इस कार्यक्रम का विधिवत उदघाटन हुआ. प्रगति झा ने प्रतिभागियों का स्वागत किया. सीएसआईआर-एनएमएल के मुख्य वैज्ञानिक तथा प्रमुख केआरआईटी प्रभाग, डॉ. मीता तरफदार ने सीएसआईआर-एनएमएल और सीएसआईआर एकीकृत कौशल प्रशिक्षण पहल के बारे में एक विस्तृत प्रस्तुति दी. उन्होंने सीएसआईआर-एनएमएल द्वारा संचालित विभिन्न प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रमों का संक्षेप में उल्लेख किया. सीएसआईआर-एनएमएल ने सामाजिक प्रशिक्षण, व्यावसायिक प्रशिक्षण, कॉर्पोरेट प्रशिक्षण, स्नातक छात्रों के लिए ग्रीष्मकालीन/शीतकालीन इंटर्नशिप, एम.टेक/पी.एच.डी. शोध प्रबंध मार्गदर्शन, आईटीआई/डिप्लोमा/स्नातक इंजीनियरों के लिए अप्रेंटिस प्रशिक्षण और सामग्री तथा धातु विज्ञान के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण आयोजित किया. उदघाटन कार्यक्रम का समापन डॉ मीता तरफदार के ज्ञानवर्धक और प्रेरक भाषण के साथ हुआ. इस वर्चुअल कार्यक्रम में पूरे भारत के विभिन्न संगठनों के 100 से अधिक छात्रों ने भाग लिया. 

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