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शनिवार, अप्रैल 17, 2021
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    jamshedpur-education-news-बीएड में नामांकन के लिए इंट्रेंस परीक्षा करवाने का विरोध तेज, योग्य छात्राओं पर पड़ सकता है प्रतिकूल असर, आजसू हुआ मुखर

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    जमशेदपुर : अखिल झारखंड छात्र संघ के कोल्हान अध्यक्ष हेमन्त पाठक के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल पूर्व मंत्री रामचंद्र सहिस के माध्यम से झारखंड के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ओर शिक्षा मंत्री जगन्नाथ महतो को एक मांग पत्र भेजा. संयुक्त परीक्षा परिषद ने इस वर्ष 2020 में बीएड में नामांकन के लिए इंट्रेंस एग्जाम करवाने का आदेश जारी हुआ. उसके बाद मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री और मानव संसाधन विभाग (एचआरडी) के संयुक्त मिलीभगत से इंट्रेंस एग्जाम न कराकर मेरिट के आधार पर नामांकन सूची निकलने की व्यवस्था की जा रही है जो कि गलत है. यह उन छात्रों के साथ अन्याय है जो ग्रेजुएशन उत्तीर्ण करने के बाद बीएड में नामांकन लेने लिए फॉर्म भरेंगे तो उनका मेरिट प्वाइंट पीजी के छात्रों के मुकाबले कम होगा. इससे तो सारे कांस्टीट्यूइंट कॉलेज में पीजी के छात्रों का कब्जा होगा और ग्रेजुएशन के छात्रों को मजबूरन सीट न होने के कारण एफिलेटेड कॉलेज में जाना पड़ेगा. यह तो छात्रों के साथ अन्याय है. सभी छात्रों की प्राथमिकता कांस्टीट्यूइंट कॉलेज में नामांकन लेना होता है, परंतु इस प्रक्रिया से ग्रेजुएशन के छात्रों के साथ अन्याय हो रहा है जो कि गलत है ओर काउंसलिंग के पूरे झारखंड के 6 यूनिवर्सिटी के छात्रों को श्याम प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय बुलाया जा रहा है. सुदूर क्षेत्रो के छात्रों को इतनी दूर बुलाया जा रहा है, ये सारी प्रक्रिया गलत है और आजसू छात्र संघ इसका विरोध करती है. कोल्हान अध्यक्ष हेमन्त पाठक ने बताया कि राज्य सरकार शीघ्र ही एक निर्णय ले ताकि ग्रेजुएशन छात्रों के साथ अन्याय न हो और उनको भी कांस्टीट्यूइंट कॉलेज में नामांकन लेने का रास्ता निकाले क्योकि दूसरे राज्यो में भी बीएड का नामांकन मेरिट के आधार पर होता है परंतु ग्रेजुएशन ओर पीजी दोनों की अलग-अलग मेरिट लिस्ट निकाला जाता है ताकि ग्रेजुएट ओर पोस्ट ग्रेजुएट दोनों छात्रों के आवेदकों के साथ अन्याय न हो. इसी स्तर पर झारखंड सरकार और मानव संसाधन विभाग के संयुक्त प्रयास से छात्रों के नामांकन का रास्ता प्रशस्त करे और मानव संसाधन विभाग के सहयोग से हर यूनिवर्सिटी में कॉउंसलिंग की व्यवस्था हो ताकि सुदूर गांव देहात के छात्रों को उतनी दूर श्याम प्रसाद मुखर्जी यूनिवर्सिटी ना जाना पड़े. अगर ऐसा नही होता है और छात्रों के भविष्य को बचाने का कोई रास्ता नही निकाला जाता है तो आजसू छात्र संघ जोरदार आंदोलन करेगा और काउंसलिंग का विरोध करेगा और कॉउंसलिंग प्रक्रिया भी नही होने दिया जाएगा. इस ज्ञापन देने में प्रदेश सचिव दीपक पांडेय, कोल्हान संयुक्त सचिव साहेब बागति, संगीत पांडेय, सूरज सिंह, वर्कर्स कॉलेज प्रभारी राजेश महतो, सोशल मीडिया प्रभारी रितेश महतो इत्यादि उपस्थित थे.

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