Kolhan-University-Academic-Council-Meeting : कोल्हान विश्वविद्यालय एकेडमिक काउंसिल का निर्णय-सात अंगीभूत कॉलेजों में खुलेगा झारखंड ओपन यूनिवर्सिटी का स्टडी सेंटर, पीजी सेकेंड सेमेस्टर की परीक्षा एक महीने के लिए टली, पूजा की छुट्टी के दौरान घंटी आधारित शिक्षकों द्वारा ली गयी कक्षाएं अनुचित ठहरायी गयीं, सप्ताह में छह दिन चलेंगी कक्षाएं, और क्या-क्या हुआ निर्णय-पढ़ें

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जमशेदपुर : कोल्हान विश्वविद्यालय के सात अंगीभूत कॉलेजों में झारखंड ओपन यूनिवर्सिटी का स्टडी सेंटर खुलेगा. इसमें जमशेदपुर को-आपरेटिव कॉलेज, द ग्रेजुएट स्कूल कॉलेज फॉर वीमेन, घाटशिला कॉलेज घाटशिला, टाटा कॉलेज चाईबासा और महिला कॉलेज चाईबासा शामिल है. इसके अलावा जमशेदपुर के जमशेदपुर वर्कर्स कॉलेज और करनडीह स्थित एलबीएसएम कॉलेज में भी स्टडी सेंटर खोलने की कोल्हान विश्वविद्यालय ने सहमति दे दी है. इस संबंध में शनिवार को विश्वविद्यालय की एकेडमिक काउंसिल की बैठक में निर्णय लिया गया. बैठक आनलाइन हुई, जिसकी अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ गंगाधर पांडा ने की. बैठक में और भी कई महत्वपूर्ण निर्णय लिये गये, जिसकी जानकारी विश्वविद्यालय के प्रवक्ता डॉ पीके पाणि ने दी. उन्होंने बताया कि छात्र संगठनों और पीजी विभागाध्यक्षों के आग्रह को ध्यान में रखते हुए आगामी 7 दिसंबर से प्रस्तावित सेकेंड सेमेस्टर की परीक्षा को फिलहाल टाल दिया गया है. अब यह परीक्षा 9 जनवरी 2023 से आरंभ होगी. बैठक में कॉलेजों में टीआरएल विभाग में गेस्ट शिक्षकों की नियुक्ति की भी सहमति दी गयी. चूंकि कॉलेजों को इन शिक्षकों को अपने आंतरिक स्त्रोत ए एकाउंट से भुगतान करना है, अतः विश्वविद्यालय के पास संबंधित अधियाचना भेजने से पूर्व अपने फंड की स्थिति को देख लेना होगा. (नीचे भी पढ़ें)

बैठक में पूजा, दीपावली, छठ आदि छुट्टी के दौरान घंटी आधारित शिक्षकों द्वारा संचालित कक्षाओं के विपत्र पर भी विचार किया गया. साथ ही इसे अनुचित ठहराते हुए संबंधित राशि में कटौती करने का निर्णय लिया गया. बताया गया कि नियमतः घंटी आधारित शिक्षक को प्रति माह अधिकतम 30 हजार रुपये देय है. विपत्र में यदि 30 हजार रुपये से अधिक की राशि होती है, तब कटौती की जायेगी. अन्यथा 30 हजार से कम होन की स्थिति में वास्तिविक राशि का भुगतान किया जायेगा. एक निर्णय यह भी लिया गया कि विश्वविद्यालय में पीएचडी में नामांकन के लिए कॉलेजों के शिक्षक 100 रुपये का भुगतान कर आवेदन कर सकते हैं. इसकी अंतिम तिथि 30 नवंबर है. बीएड के पैडागोगी को लेकर विचार करते हुए ओड़िया और कुड़ुख को इसमें शामिल करने का निर्णय लिया गया. छात्रों के आग्रह को देखते हुए यूजी रजिस्ट्रेशन की तिथि बढ़ा कर 5 दिसंबर कर दी गयी है. इसके अलावा झारखंड एकेडमिक काउंसिल द्वारा इंटर सप्लीमेंटरी परीक्षा का परिणाम घोषित कर दिये जाने के मद्देनजर कुछ कॉलेजों में स्नातक एडमिशन के चांसलर पोर्टल खोलने का निर्णय लिया गया. (नीचे भी पढ़ें)

डॉ पाणि ने बताया कि जिन कॉलेजों में एडमिशन कम हुए हैं अथवा सीटें रिक्त हैं, उन्हीं कॉलेजों का पोर्टल खोला जायेगा. साथ ही यदि किसी कॉलेज में प्राचार्य यदि और भी छात्र-छात्राओं का एडमिशन लेना चाहते हैं, तो विश्वविद्यालय को प्रस्ताव दे सकते हैं. संबंधित कॉलेज का पोर्टल खोल दिया जायेगा. एडमिशन के लिए पोर्टल एक सप्ताह के लिए ही खोला जायेगा. इसके अलावा पीजी में एडमिशन को लेकर भी एक निर्णय लिया गया, जिसके तहत वैसे छात्रों को एडमिशन का एक मौका दिया जा रहा है, जिन्होंने पोर्टल में आवेदन किया है, लेकिन अभी एडमिशन नहीं हो सका है. सिर्फ वे ही विद्यार्थी एडमिशन ले सकते हैं, जिन्होंने पोर्टल में आवेदन किया है. ऐसे विद्यार्थियों के एडमिशन के लिए एक सप्ताह का समय दिया जायेगा. इसके अलावा सप्ताह में कक्षाओं के संचालन को लेकर भी विचार-विमर्श किया गया. तत्पश्चात निर्णय लिया गया कि सप्ताह में छह दिन ही कक्षाएं चलेंगी. एकेडमिक काउंसिल में लिये गये उक्त सभी निर्णयों को विश्वविद्यालय की आगामी सिंडिकेट बैठक में प्रस्तुत किया जायेगा. सिंडिकेट की सहमति मिलने के पश्चात इसे लागू किया जायेगा. बैठक के पश्चात संविधान दिवस के अवसर पर कुलपति प्रो पांडा ने सभी हेड, डीन व प्राचार्यों को संविधान की शपथ दिलायी.

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