ग्रेजुएट कॉलेज के हिंदी विभाग में मुंशी प्रेमचंद की जयंती पर वेबिनार आयोजित

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जमशेदपुर : साकची स्थित द ग्रेजुएट स्कूल कॉलेज फॉर वीमेन में हिंदी विभाग की ओर से शुक्रवार को महान कथाकार और उपन्यासकार प्रेमचंद की जयंती पर एक वेबिनार का आयोजन किया गया. इसमें स्नातक पार्ट-2 सेमेस्टर-4 की छात्राएं शामिल हुईं. वेबिनार का विषय था ‘प्रेमचंद के साहित्य में किसानों की समस्या’. वेबिनार में हिन्दी विभाग के शिक्षक राकेश कुमार पाण्डेय ने अपने विचार रखते हुए कहा कि मुंशी प्रेमचंद के समय के किसानों और आज के किसानों में थोड़ा परिवर्तन तो हुआ हैं, लेकिन मूल समस्या आज भी वही है. किसान उस समय महाजनों, जमींदारों से कर्जा लेता था, आज बैंक और सरकार से कर्ज ले रहा है. कर्ज के बोझ तले आज भी किसान दबा हुआ है. हां, यह सही है कि आज तकनीक ने किसानों को थोडा समृद्ध किया है. दूसरी तरफ हम देखते हैं कि तकनीक से किसान की आय जरूर बढी़ है, लेकिन उसके अंदर संघर्ष की क्षमता खत्म हो गयी है. होरी कर्ज से जरूर दबा था लेकिन उसके अंदर आत्मबल था, वह संघर्ष करता है, हार नहीं मानता. लेकिन आज का किसान संघर्ष के बदले आत्महत्या कर रहा है. उन्होंने कहा कि कमोबेश आज भी किसानों की मूल समस्या वहीं खडी है, जिस ओर प्रेमचंद ने अपनी कहानियों के माध्यम से इशारा किया है. छात्राओं के तरफ से जया कुमारी, लक्ष्मी कुमारी, काजल सिंह, प्रियंका कुमारी, पूजा सिंह, अर्चना कुमारी, प्रीति कुमारी व अन्य ने भी अपने विचार रखे और कहा कि प्रेमचंद की कहानियां और उपन्यास तथा उनके पात्र आज भी कहीं न कहीं जीवित हैं. वेबिनार में सेमेस्टर 4 की 50 से ज्यादा छात्राओं ने सहभागिता की.

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