spot_imgspot_img

Global Statistics

All countries
263,733,739
Confirmed
Updated on December 2, 2021 8:41 AM
All countries
236,274,097
Recovered
Updated on December 2, 2021 8:41 AM
All countries
5,241,859
Deaths
Updated on December 2, 2021 8:41 AM
spot_img

xlri-8th-dr-verghese-kurien-memorial-oration-एक्सएलआरआइ का 8वां डॉ वर्गीस कुरियन मेमोरियल व्याख्यान गुरुवार को, वित्तीय जानकार शंकर वेंकटेश्वरन देंगे नयी जानकारियां

Advertisement
शंकर वेंकटेश्वरन

जमशेदपुर : देश की नामचीम निजी प्रबंधकीय संस्थानों में शुमार जेवियर लेबर रिलेशंस इंस्टीच्यूट (एक्सएलआरआई) गुरुवार 21 अक्टूबर को डॉ वर्गीज कुरियन स्मृति व्याख्यान सतत विकास (सस्टेनेबल डेवपलमेंट) पर 8वां सम्मेलन होगोा. कार्यक्रम शाम 5 बजे आनलाइन माध्यम से संचालित होगी. कार्यक्रम में देश के प्रख्यात वित्तीय जानकार और टाटा समूह में सस्टेनेबेलिटी डेवलपमेंट पर काम कर चुके शंकर वेंकटेश्वरन द्वारा अनपैकिंग ईएसजी पुटिंग एस इन सेन्टर के थीम पर रहेगा. श्री वेंकटेश्वर की बात करें तो वे पूर्व में टाटा समूह के हेड सेस्टेनेबिलिटी थे. वह वर्तमान में ई-क्लब के इन्वेस्टमेंट एडवाइजर्स के संस्थापक टीम का हिस्सा हैं, जो ईएसजी निवेश, प्रबंधन और जलवायु सुधार पर ध्यान केंद्रित करता है. वह वर्तमान में ऑक्सफैम इंडिया और भारत में एसडीजी के लिए सीएसआर ट्रस्ट के अध्यक्ष भी हैं. वह ग्रांथम सेंटर फॉर सस्टेनेबल फ्यूचर्स, यूनिवर्सिटी ऑफ शेफील्ड, यूके में ग्रांथम एंबेसडर के रूप में भी काम करते हैं. श्री वेंकटेश्वरनहास ने सीएसआर और जिम्मेदार व्यवसाय आचरण जैसे मामलों पर भारत सरकार के कारपोरेट मामलों के मंत्रालय (एमसीए) को सलाह दी थी. वह मार्च 2019 में एमसीए द्वारा जारी नेशनल गाइडलाइंस फॉर रिस्पॉन्सिबल बिजनेस कंडक्ट और इसके सहयोगी बिजनेस रिस्पॉन्सिबिलिटी एंड सस्टेनेबिलिटी रिपोर्ट के प्रारूपण में बहुत करीब से शामिल थे, जिसे मई 2021 में सेबी द्वारा भारत में शीर्ष 1000 सूचीबद्ध कंपनियों के लिए अनिवार्य किया गया था. उन्होंने आईआईटी मद्रास से इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की है और आईआईएम कलकत्ता से एमबीए की पढ़ाई की है. सतत विकास के क्षेत्र में डॉ वर्गीस कुरियन के योगदान को याद करने के लिए हर साल इस व्याख्यान का आयोजन किया जाता है. व्याख्यान का उद्देश्य सतत विकास की प्रासंगिकता, महत्व और आवश्यकता के बारे में छात्रों, शिक्षकों और संबंधित नागरिकों को संवेदनशील बनाना है. इस तरह के व्याख्यान में पूर्व के वर्षों में सुश्रीला भट्ट, डॉ वंदना शिवा, डॉ ज्यां द्रेज, डॉ अशोक खोसला जैसे स्पीकर अपना व्याख्यान दे चुके है.

Advertisement
Advertisement

Advertisement
WhatsApp Image 2020-06-13 at 7.45.22 PM
IMG-20200108-WA0007-808x566
WhatsApp Image 2020-06-13 at 7.45.22 PM (1)
WhatsApp_Image_2020-03-18_at_12.03.14_PM_1024x512
previous arrow
next arrow

Leave a Reply

spot_img

Must Read

Related Articles

Don`t copy text!