
जमशेदपुर : टाटा स्टील के पहले भारतीय जेनरल मैनेजर सर जहांगीर जीवाजी घांदी थे. उनकी 125 वीं जयंती मनायी जायेगी. 18 नवंबर 1896 को महाराष्ट्र के मुंबई में उनका जन्म हुआ था. सर धांदी ने अपनी स्कूली शिक्षा न्यू हाई स्कूल, मुंबई से पूरी की और फिर सेंट जेवियर्स कॉलेज और विल्सन कॉलेज, मुंबई में अपनी उच्च शिक्षा प्राप्त की. उन्होंने कोलंबिया विश्वविद्यालय, न्यूयॉर्क से रसायन विज्ञान में बीएससी में ऑनर्स और बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में पोस्ट-ग्रेजुएशन कोर्स पूरा किया. इसके बाद उन्होंने कार्नेगी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, पिट्सबर्ग, पेनसिल्वेनिया, यूएसए से मेटलर्जिकल एंड स्टील वर्क्स इंजीनियरिंग की पढ़ाई की. वर्ष 1917 में सर धांदी टाटा स्टील से जुड़े और वर्ष 1918 में आगे की पढ़ाई के लिए दोबारा यूएसए गए. उन्होंने 1921 में टाटा स्टील में मेटलर्जिकल इंजीनियर के रूप में फिर से ज्वाइन किया. सर गांधी को वर्ष 1938 में टाटा स्टील के जेनरल मैनेजर के पद पर नियुक्त किया गया. यह उपलब्धि हासिल करने वाले वे पहले भारतीय थे. 1964 में इंटरनेशनल ऑर्गनाइजेशन फॉर स्टैंडर्डाइजेशन के प्रेसिडेंट के रूप में चुने जाने वाले पहले एशियाई बने. वर्ष 1941 में सर धांदी को सीआइइ बनाया गया और 1945 में नाइट की उपाधि दी गयी. सर धांदी ने टाटा लोकोमोटिव एंड इंजीनियरिंग कंपनी लिमिटेड (पूर्व टेल्को व वर्तमान टाटा मोटर्स) के डायरेक्टर और टिनप्लेट कंपनी ऑफ इंडिया लिमिटेड (टीसीआईएल), टाटा इंडस्ट्रीज व टाटा संस के बोर्ड में डायरेक्टर समेत कई अन्य महत्वपूर्ण पदों को सुशोभित किया. 1958 में उन्हें पद्म भूषण से सम्मानित किया गया. सर धांदी ने 17 अप्रैल 1972 को झारखंड के जमशेदपुर में अंतिम सांस ली.





