
रांची : झारखंड की निवर्तमान राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू ने सीएनटी व एसपीटी एक्ट में बदलाव की वकालत करते हुए कहा है कि सीएनटी व एसपीटी एक्ट में बदलाव जरूरी हो, लेकिन इसकी मूल भावना के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं होना चाहिए. राज्यपाल शनिवार को मीडिया से राजभवन में मुखातिब हुई थी. इससे पहले राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू से शिष्टाचार मुलाकात की. करीब आधे घंटे तक रहने के बाद मुख्यमंत्री राजभवन से बाहर निकल गये. इससे पहले राज्य के पूर्व मंत्री और विधायक सरयू राय ने भी द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की थी और कहा था कि उनका कार्यकाल गौरवपूर्ण रहा है. इसके बाद राज्यपाल ने मीडिया से बातचीत भी की. उन्होंने कहा कि राज्य में सीएनटी व एसपीटी एक्ट लागू होना जरूरी है. इसमें संशोधन किया जा सकता है, लेकिन इसकी जो मूलभावना है, उसके साथ किसी तरह का कोई बदलाव नहीं होना चाहिए. उन्होंने पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि ट्राइब्स एडवाइजरी काउंसिल (टीएसी) के गठन में राज्यपाल की भूमिका को समाप्त कर दिया गया. इस पर द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि नये राज्यपाल रमेश बैस को इसके गठन से संबंधित जानकारी दे दी जा चुकी है. राज्यपाल ने कहा कि जाते जाते वे कुछ बोलना नहीं चाहती है, लेकिन टीएसी में जो भी कुछ हुआ है, वह सबको पता है. संविधान को सभी को मानना चाहिए और उसके दायरे में रहकर ही सबको काम करना चाहिए. राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू ने यह भी कहा कि टीएसी की नियमावली में बदलाव के संबंध में कई आपत्तियां राजभवन को मिली थी. उन पर संज्ञान लेते हुए कल्याण विभाग से संबंधित फाइलें मंगवायी गयी है. विभाग से संबंधित फाइल काफी देर से मिली. इस बीच उन्होंने इस पर विधि विभाग से परामर्श भी ले लिया था, तब तक नये राज्यपाल की नियुक्ति कर दी गयी. वैसे अब इस मामले को नये राज्यपाल जरूर देखेंगे. 13 जुलाई को नये राज्यपाल रमेश बैस झारखंड पहुंच जायेंगे, जिसके बाद वे 14 जुलाई को अपना पदभार ग्रहण करेंगे.




