जमशेदपुर: लोकसभा में केंद्रीय बजट 2026-27 के लिए वित्त मंत्री सीतारमण ने पेश किया. बजट पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए अखिल भारतीय पूर्व सैनिक परिषद के सदस्य वरुण कुमार ने कहा कि बजट बहुत ही अच्छा है. पहली बार बजट में रक्षा क्षेत्र के लिए 7.85 लाख करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है. यह आवंटन न केवल अब तक का सबसे बड़ा रक्षा बजट है, बल्कि इसमें रिकॉर्ड 15 प्रतिशत की वृद्धि यह संकेत देती है कि बदलते वैश्विक और क्षेत्रीय सुरक्षा परिदृश्य के बीच भारत अपनी सैन्य तैयारियों से कोई समझौता नहीं करना चाहता. बजट का सबसे अहम पक्ष है 2.19 लाख करोड़ रुपये का कैपिटल बजट, जिसमें 22 प्रतिशत की उल्लेखनीय बढ़ोतरी की गई है. यह बढ़ोतरी सीधे तौर पर तीनों सेनाओं—थल सेना, नौसेना और वायुसेना—के आधुनिकीकरण, अत्याधुनिक हथियार प्रणालियों की खरीद और तकनीकी सुदृढ़ीकरण से जुड़ी है. (नीचे भी पढ़े)
कैपिटल बजट में वृद्धि का अर्थ है नई पीढ़ी के लड़ाकू विमान, ड्रोन तकनीक, एयर डिफेंस सिस्टम, युद्धपोत, सबमरीन, आर्टिलरी और नेटवर्क-सेंट्रिक वॉरफेयर क्षमताओं में निवेश करना शामिल है. आधुनिक युद्ध अब केवल सैनिक संख्या से नहीं, बल्कि तकनीक, रियल-टाइम इंटेलिजेंस और साइबर क्षमताओं से लड़े जाते हैं. ऐसे में यह बजट भारतीय सेनाओं को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने की दिशा में एक ठोस कदम माना जा रहा है.‘मेक इन इंडिया’ और आत्मनिर्भर भारत को बल है. बढ़ा हुआ कैपिटल बजट सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयों के साथ-साथ निजी रक्षा कंपनियों, स्टार्टअप्स और एमएसएमई सेक्टर के लिए भी नए अवसर खोलेगा. सैनिकों की तैयारियों और मनोबल का प्रश्न है. रक्षा बजट का असर केवल हथियारों और मशीनों तक सीमित नहीं होता. यह सैनिकों के प्रशिक्षण, लॉजिस्टिक्स, इंफ्रास्ट्रक्चर, सीमावर्ती क्षेत्रों में सड़कें, हवाई पट्टियां और संचार नेटवर्क मजबूत करने से भी जुड़ा है. बढ़ा हुआ बजट यह भरोसा देता है कि राष्ट्र अपने सैनिकों की जरूरतों और उनके मनोबल को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है. भारत की भौगोलिक स्थिति, दो सक्रिय सीमाओं की चुनौतियां और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में बढ़ती रणनीतिक प्रतिस्पर्धा के बीच यह रक्षा बजट एक स्पष्ट संदेश देता है. भारत अपनी संप्रभुता और सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेगा. यह बजट मित्र देशों के साथ रक्षा सहयोग को भी नई गति दे सकता है, क्योंकि मजबूत सैन्य क्षमता कूटनीतिक प्रभाव को भी बढ़ाती है.








