जमशेदपुर : प्रस्तावित वक्फ कानून 2025 के विरोध में बुधवार की रात जमशेदपुर शहर के मुस्लिम समाज ने शांतिपूर्ण और प्रतीकात्मक ढंग से विरोध जताया. ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की अपील पर रात 9:00 बजे से 9:15 बजे तक मुस्लिम बहुल इलाकों में लोगों ने अपने घरों, दुकानों, मस्जिदों, मदरसों और अन्य संस्थानों की बिजली स्वेच्छा से बंद कर दी. इस दौरान मानगो, आजाद नगर, साकची मोहम्मडन लाइन, धातकीडीह, शास्त्रीनगर, टेल्को बारीनगर, गोलमुरी, जुगसलाई, मकदुमपुर और कीताडीह समेत शहर के प्रमुख मुस्लिम इलाकों में अंधेरा छाया रहा. यह विरोध पूरी तरह शांतिपूर्ण और संगठित था. लोगों ने अपने-अपने स्तर से इस अभियान को सफल बनाया. ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने इसे प्रतीकात्मक विरोध बताया है. बोर्ड का कहना है कि यह कदम केंद्र सरकार को मुस्लिम समाज की आशंकाओं और चिंताओं से अवगत कराने के लिए उठाया गया है. इस अभियान की जानकारी सोशल मीडिया और व्हाट्सएप के माध्यम से देशभर में साझा की गई थी. दिल्ली, कश्मीर, पंजाब, बंगाल, झारखंड समेत कई राज्यों में इस आंदोलन को व्यापक समर्थन मिला. (नीचे भी पढ़ें)

1 मई को विशाल जनसभा की तैयारी पूरी
प्रदर्शन के अगले चरण में 1 मई को साकची आमबगान मैदान में एक विशाल जनसभा आयोजित की जाएगी. सभा के संयोजक रियाज शरीफ ने बताया कि इसमें ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के अध्यक्ष मौलाना खालिद सैफुल्लाह रहमानी, महासचिव मौलाना फजलुर रहीम मुजद्दि, संयोजक डॉ सैयद कासिम रसूल इलियास, सांसद आगा सैयद रूहुल्लाह मेहंदी (श्रीनगर), राज्यसभा सांसद डॉ सरफराज अहमद, झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी, सांसद मुजीबुल्लाह खान उर्फ माना खान (ओड़िशा), दरगाह अजमेर शरीफ के गद्दीनशीन सैयद सरवर चिश्ती, लोकसभा सांसद जियाउर्रहमान बर्क (सम्भल), मौलाना मोहिबुल्लाह नदवी (रामपुर), सांसद राजाराम सिंह (काराकाट), पूर्व सांसद दानिश अली (अमरोहा), सांसद चौधरी इकरा हसन (कैराना), राज्यसभा सांसद फौजिया खान (महाराष्ट्र) और झारखंड राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष हिदायतुल्लाह खान शिरकत करेंगे. सभा में हजारों की संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना है. प्रशासन द्वारा सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं.





