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Jamshedpur womens university convocation : जमशेदपुर वीमेंस यूनिवर्सिटी का प्रथम दीक्षांत समारोह आयोजित, राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन ने 1042 छात्राओं को डिग्री प्रदान कर किया सम्मानित, उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली 28 छात्राओं को मिला मेडल, 1014 को मिली डिग्रियां, राज्यपाल ने छात्राओं को अनुशासन एवं आत्मविश्वास के बल पर आकाश जीतने को किया प्रेरित

जमशेदपुर  : जमशेदपुर वीमेंस यूनिवर्सिटी का प्रथम दीक्षांत समारोह शनिवार को यूनिवर्सिटी के सिदगोड़ा कैंपस में आयोजित हुआ. समारोह में मुख्य अतिथि, राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली विभिन्न विषयों की छात्राओं को मेडल एवं सर्टिफिकेट प्रदान कर उन्हें सम्मानित किया. इसके अलावा उन्होंने विश्वविद्यालय की 1014 छात्राओं को उनकी डिग्रियां भी प्रदान की. इस अवसर पर डिग्रियां प्राप्त करने वाली छात्राओं में उत्साह एवं उल्लास का माहौल दिखा. (नीचे भी पढ़ें)

यूनिवर्सिटी के प्रथम दीक्षांत समारोह के अवसर पर बोलते हुए राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन ने इसे यूनिवर्सिटी के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण दिन बताया, क्योंकि इस दिन विश्वविद्यालय की छात्राओं की वर्षों की कड़ी मेहनत और समर्पण का परिणाम सामने आया है. उन्होंने डिग्री प्राप्त करने वाली बेटियों को बधाई देते हुए इसे उनकी दृढ़ता एवं उत्कृष्टता के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक बताया. उन्होंने महिला शिक्षा को बढ़ावा दे रहे प्रदेश के प्रथम महिला विश्वविद्यालय के इंटर कॉलेज के रूप में स्थापना से लेकर विश्वविद्यालय तक की उपलब्धिपूर्ण विकास यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि आज विश्वविद्यालय उत्कृष्टता की क्षमता वाले केंद्र के रूप में मान्यता और नैक से ग्रेड ए की मान्यता प्राप्त कर चुका है. (नीचे भी पढ़ें)

उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय परिवार के सभी सदस्यों को हमारी लड़कियों को सर्वोत्तम संभव शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध रहना चाहिए. हमारा उद्देश्य ऐसा माहौल बनाना होना चाहिए जहां विश्वविद्यालय राज्य और देश भर में लड़कियों की उच्च शिक्षा के लिए एक आदर्श केंद्र के रूप में जाना जाय. यही नहीं, उन्होंने विश्वविद्यालय का प्राथमिक ध्यान छात्राओं को सशक्त बनाना बताते हुए कहा कि इसे विभिन्न पाठ्यक्रमों के जरिये छात्राओं को आज की दुनिया में सफलता के लिए आवश्यक कौशल व ज्ञान प्राप्त करने में मदद करने योग्य बनाने को कहा. राज्यपाल ने छात्राओं को व्यक्तिगत रूप से प्रगति के साथ ही अपनी सांस्कृतिक जड़ों को समझने के लिए खेल एवं सांस्कृतिक गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित भी किया. (नीचे भी पढ़ें)

उन्होंने छात्राओं को आज के दिन को जीवन के नये अध्याय की शुरुआत बताते हुए कहा कि जीवन इससे आगे है. उन्होंने छात्राओं को पेशेवर दुनिया में प्रवेश करने पर समझदारी से रास्ता चुनने एवं अनुशासन बनाये रखने की हिदायत देने के साथ हरी आत्मविश्वास बनाये रखने और चुनौतियों को विकास के अवसर के रूप में देखने के लिए प्रेरित किया. इससे पूर्व राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन ने विश्वविद्यालय की सावित्रीबाई फुले सेंट्रल लाइब्रेरी एवं स्वर्णरेखा ऑडिटोरियम का उद्घाटन भी किया. आयोजन में कुलपति डॉ अंजिला गुप्ता एवं विश्वविद्यालय के पदाधिकारियों के साथ शिक्षक व शिक्षकेतर कर्मियों के अलावा कई अन्य गणमान्य अतिथि भी उपस्थित रहे.

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