
जमशेदपुर : जुगसलाई एमइ स्कूल रोड निवासी 40 वर्षीय युवक दिलीप रजक 31 दिसंबर 2019 की रात से ही अपने घर से गायब था. रविवार की रात को टीएमएच के शीतगृह में शव को पाया गया. इस घटना के सामने आने के बाद सोमवार की सुबह जुगसलाई के लोग पहुंचे और जोरदार हंगामा शुरू कर दिया. इन लोगों ने शव को उठाने से इनकार कर दिया. लोग हंगामा कर रहे थे और मांग कर रहे थे कि आखिर कैसे युवक 31 दिसंबर को घायल हुआ और बिना किसी पहचान के टीएमएच में भरती हो गया और बाद में उसका मृत शरीर भी बिना पहचान के पुलिस रखे रही और किसने लाकर युवक को अस्पताल में भरती कराया. पुलिस से सही तरीके से जांच के साथ ही मुआवजा देने की भी मांग कर रहे थे.

जुगसलाई एमइ स्कूल रोड निवासी दिलीप रजक (40) 31 दिसंबर 2019 को अपने घर से निकला. इसके बाद से नहीं लौटा. घरवालों ने इसकी सूचना जुगसलाई पुलिस को भी दी, लेकिन उसका पता नहीं चल पाया. परिवारवालों ने बताया कि जुगसलाई पुलिस ने रविवार की रात परिवार को बुलाया और बताया कि उनके घर के लड़के दिलीप का शव टीएमएच में रखा हुआ है और उसको गंभीर रुप से घायल हालत में जुगसलाई के बलदेव बस्ती के पास से ले जाकर टीएमएच में इलाज के लिए भरती करा दिया गया था.
इसके बाद परिवारवाले वहां पहुंचे और उसकी पहचान की तो पाया कि वह शव दिलीप रजक का ही है. बाद में लोगों ने शव को उठाने से इनकार कर दिया और पूरे मामले को संदेहास्पद बताने लगे. इन लोगों का सवाल था कि 31 दिसंबर को ही जब वह टीएमएच में भरती कराया गया था, तो किसने भरती कराया और टीएमएच जब पैसे के बगैर एडमिट नहीं करता है तो कैसे एडमिट कर ली और फिर पुलिस को इसकी सूचना तक नहीं क्यों थी. पुलिस ने अगर भरती कराया था तो पहचान के बारे में जुगसलाई पुलिस को तो पहले ही जानकारी दे दी गयी थी, फिर क्यों नहीं परिवार को यह जानकारी दी गयी कि इस तरह का हादसा हुआ है. अगर कोई हादसा था तो इसको छुपाया क्यों गया था. इसको लेकर हंगामा चल रहा है और पुलिस मामले को सुलझाने का प्रयास कर रही है.








