
जमशेदपुर : रघुवर सरकार में शुरू की गयी 1 रुपये में महिलाओं के नाम जमीन की रजिस्ट्री योजना को हेमंत सरकार ने बंद कर दिया है। योजना के बंद होने से एक ओर राज्य की महिलाओं में असन्तोष व रोष है। वहीं, भाजपा जमशेदपुर महानगर के महिला कार्यकर्ताओं ने भी हेमंत सरकार के इस फैसले पर कड़ी प्रतिक्रिया जाहिर की है। रविवार को महिला मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने फेसबुक समेत अन्य सोशल मीडिया के माध्यम से सरकार के निर्णयों के प्रति नाराजगी जाहिर की है। बताया है कि 1 रुपये में 50 लाख तक की जमीन रजिस्ट्री से प्रदेश में महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा मिला था। पूर्व में रघुवर दास के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार के दौरान महिलाओं को सशक्त बनाने के उद्देश्य से कई योजनाएं संचालित की गई। परंतु महागठबंधन की नई सरकार के गठन के पश्चात ही प्रदेश के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा पूर्व सरकार की सफल योजनओं को बंद करना राजनीतिक द्वेष से ग्रसित फैसला प्रतीत होता है। 1 रुपये में जमीन रजिस्ट्री बंद करने से महिला मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने प्रतिक्रिया दी है।
■ बारी मुर्मू (जिला उपाध्यक्ष, भाजपा) : भाजपा जमशेदपुर महानगर उपाध्यक्ष बारी मुर्मू ने कहा कि प्रदेश में रघुवर सरकार द्वारा शुरू की गई योजना से लाखों बहनें घरों की मालकिन बनी। भाजपा सरकार ने नारी सम्मान व नारी सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम 1 रुपये में जमीन रजिस्ट्री के द्वारा प्रारंभ की थी।
■ पुष्पा तिर्की (जिला मंत्री, भाजपा) : 1 रुपये में जमीन रजिस्ट्री की पूरे देश ने प्रशंसा की थी। महिलाओं को सामाजिक समानता व उन्हें सशक्त बनाने के उद्देश्य से रघुवर सरकार द्वारा प्रारंभ की गई योजनाओं से गरीब महिलाओं को अपने घर का सपना पूरा हुआ था।
■ ज्योति अधिकारी (जिला उपाध्यक्ष) : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा ऐसे सफल योजनाओं को बंद करना उनकी महिला विरोधी मंशा को जाहिर करता है। महिलाओं के सम्मान व सशक्तिकरण की दिशा में उनकी कोई सकारात्मक सोच होती तो आज उन्हें योजनाओं को बंद करने की आवश्यकता नही होती। नई सरकार को अपनी नई योजनाएं लानी चाहिए ना कि पूर्व की योजनाओं को बंद करना चाहिए।
■ रूबी झा (पूर्व अध्यक्ष, भाजपा बारीडीह मंडल) : ऐसा लग रहा है पूर्व सरकार की लोककल्याणकारी नीतियों को बंद करना ही वर्तमान सरकार की प्राथमिकता है। संकट के इस घड़ी में भी माताओं-बहनों के प्रति तानाशाही रवैया राज्य सरकार अपना रही है। असल मुद्दों से ध्यान भटकाकर सरकार अपनी विफलताओं को छिपा रही है।
■ सोनिया साहू (महिला मोर्चा, जिला उपाध्यक्ष) : राज्य में राजस्व बढ़ाने के और भी तरीके हो सकते हैं, परंतु गरीब माताएं-बहनें घर की मालकिन बन जाएं, राज्य सरकार को यह मंजूर नही। हेमंत सरकार को महिलाओं के लिए नई योजनाएं लानी चाहिए, महिलाओं के प्रति ऐसे रूख से मातृ शक्ति में असंतोष का भाव है।















