
जमशेदपुर : झारखंड के जमशेदपुर में कोरोना जानलेवा हो चुका है. राज्य सरकार के निर्देश के बाद टाटा प्रबंधन ने अपने अस्पताल टाटा मुख्य अस्पताल में कोविड केयर सेंटर बनाकर अब तक सैकड़ों संक्रमितों को कोरोना से निजात दिला कर घर भेज चुका है. जैसे-जैसे कोरोना का कहर जिले में तेज हो रहा है, अस्पताल के सफाईकर्मियों ने वेतन बढ़ोतरी, बीमा व अन्य सुविधाओं की मांग करते हुए अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. जहां गुरुवार को सफाईकर्मियों ने खुद को काम से अलग रखते हुए वेंडर के खिलाफ जमकर बवाल काटा. इन्होंने बताया कि वैश्विक महामारी के दौर में दिन-रात रात ये सफाईकर्मी मरीजों की सेवा में जुटे हैं, और संक्रमित भी हो रहे हैं.
इन्होंने वेंडर से 15 हजार तनख्वाह 10 लाख का बीमा और परिवार के अन्य सदस्यों को भी मेडिकल सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की है. सफाईकर्मियों ने बताया कि अस्पताल में 650 सफाई कर्मी दिन-रात सेवा में लगे हैं. संवेदक आते- जाते रहते हैं, लेकिन इनका शोषण जारी है. वैसे इन्होंने साफ कर दिया है, कि जब तक संवेदक इनकी मांगों पर विचार नहीं करेंगे, ये काम पर वापस नहीं लौटेंगे. फिलहाल संवेदक के साथ सफाईकर्मियों का वार्ता चल रहा है. वैसे बड़ा सवाल ये है, कि कोरोना महामारी के दौर में इन सफाईकर्मियों का आंदोलित होना कहां तक जायज है. हालांकि कुछ मुद्दों पर इन्हें रियायत मिलनी चाहिए. वैसे अब आगे देखना ये दिलचस्प होगा, कि संवेदक इनके कितनी मांगों को मानते हैं. वैसे ये तो तय है, कि अगर ये सफाईकर्मी अपने रुख पर अड़ गए, तो निश्चित रूप से अस्पताल और यहां इलाज करा रहे कोरोना के साथ दूसरे मरीजों के लिए बड़ी परेशानी उत्पन्न हो सकती है.







