रांची : झारखंड के पंचायतों और जिला परिषद के क्षेत्रों का परिसीमन होगा. इसका पुर्ननिर्धारण किया जायेगा. इसके बाद पंचायत चुनाव इस साल करा दिया जायेगा. परिसीमन, मतदाता सूची का नवीकरण और पुनरीक्षण के बाद ही सारी प्रक्रिया अपनायी जायेगी. इसमें मई से जून माह तक का समय लग सकता है. यह जानकारी राज्य के ग्रामीण विकास और संसदीय कार्य मंत्री आलमगीर आलम ने झारखंड विधानसभा में दी. वे गोमिया के आजसू विधायक लंबोदर महतो के ध्यानाकार्षण सूचना के दौरान उठाये गये सवाल का जवाब दे रहे थे. (नीचे पूरी खबर पढ़ें)

मई से जून माह तक कार्यक्रम आयोजित होने के बाद इस साल के अंत तक त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव करा लिया जायेगा. आजसू विधायक ने सवाल उठाया कि पंचायत चुनाव नहीं होने के कारण कई साारी योजनाएं बाधित चल रही है. इस पर जवाब दिया गया. इस दौरान चाईबासा के विधायक दीपक बिरुआ ने सवाला उठाया कि सरकार हर जिले में धान क्रय केंद्र खोलना चाहती है या नहीं. इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी उपायुक्त को पहले ही कहा जा चुका है कि वहां के विधायक या उनके प्रतिनिधि धान क्रय केंद्र खोलने की अनुशंसा करेंगे, जिसके बाद सरकार इसको खोलेगी. इसके जरिये सरकार किसानों के धान का उचित मूल्य देगी. वैसे विधानसभा में बजट सत्र के पांचवें दिन भी हंगामा होता रहा. भाजपा के विधायक नवीन जायसवाल ने जेपीएससी में हुई गड़बड़ी को उठाते हुए कार्यस्थगन प्रस्ताव लाया. वे चाहते थे कि जेपीएससी के विषयों पर चर्चा किया जाये, लेकिन उस पर कोई चर्चा नहीं की गयी. (नीचे पूरी खबर पढ़ें)

इसके बाद सदन में भाजपा के विधायक तख्तियां लेकर प्रदर्शन करने लगे और वेल में पहुंचकर नारेबाजी करने लगे. काफी देर तक हंगामा होता रहा, जिसके बाद सदन की कार्यवाही को स्थगित कर दिया गया था. वैसे बजट सत्र के पांचवें दिन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जब सदन पहुंचे तब भाजपा विधायकों ने उनके खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी थी. भाजपा के विधायक हेमंत सोरेन से इस्तीफा मांग रहे थे. भाजपा ने झामुमो के ही विधायक और मुख्यमंत्री की भाभी सीता सोरेन और झामुमो विधायक लोबिन हेम्ब्रम की मांग को लेकर ही तख्तियां तैयार कर नारेबाजी कर रहे थे. उनका नारा था, सीता सोरेन तुम आगे बढ़ो, हम तुम्हारे साथ है, लोबिन तुम संघर्ष करो, हम तुम्हारे साथ है. आपको बता दें कि झामुमो विधायक लोबिन हेम्ब्रम साहेबगंज जिले में अवैध पत्थर खनन के मामले में आवाज उठायी है. इसको लेकर लोबिन ने सरकार के इतर अकेले ही लड़ाई लड़ने की घोषणा कर दी. इसके अलावा झामुमो की विधायक और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की भाभी सीता सोरेन ने बालू तस्करी और अवैध वसूली का मुद्दा उठाया था. (नीचे पूरी खबर पढ़ें)

इसके बाद से भाजपा ने इन दोनों झामुमो विधायकों के समर्थन में नारे लगाकर ही सरकार को घेरा. इस दौरान भाजपा के विधायकों का हंगामा जारी रहा. कोई विधायक सदन में ही लेट गया तो कोई नीचे बैठ गया. कोई खड़ा होकर सिर्फ घुम रहा था तो कोई तालियां बजाकर सदन को ही डिस्टर्ब कर रहा था. भाजपा के विधायकों ने सदन को हाइजैक कर लिया था. हालात का अंदाजा लगा सकते है कि भाजपा के विधायक सदन में ही हरे रामा, हरे कृष्णा…. का भजन करते रहे. भाजपा की महिला विधायक अपर्णा सेनगुप्ता तक वेल में बैठकर श्री कृष्ण गोविंद, हरे मुरारी….भजन गा रही थी. विपक्ष के विधायक तो भक्ति गीतों की अंताक्षरी ही खेलने लगे. इसके बाद सदन की कार्यवाही स्थगित हो गयी. बाद में भाजपा ने सदन से ही वॉक आउट कर दिया.





