
जमशेदपुर : बैंक जानें वाले ग्राहकों के लिए बेहद अहम खबर है. कल से लगातार दो दिन बैंक हड़ताल पर रहेगी. इससे ग्राहकों को कोई परेशानी न हो इसलिए बैंक के अधिकारियों द्वारा काफी दिन पहले से हड़ताल की घोषणा की जा रही है. बैंक में कामकाज केवल शनिवार को होगा फिर साप्ताहिक छुट्टी के कारण रविवार को भी बैंक बंद रहेंगे. इसे देखते हुए ग्राहक अपनी बैंकों का काम आज ही निपटा ले, वरना उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ सकते है. डिजिटल दुनिया में नेट बैंकिंग की सुविधा के कारण ग्राहक अपना काम घर बैठे भी कर सकते है परन्तु कुछ ऐसे आवश्यक कार्य होते है जिसे बैंक जाकर ही पूरा किया जा सकता है. कल से दो दिन बैंक बंद रहेगा इसलिए ग्राहक बैंक जाने का कष्ट ना करें. इस हड़ताल को लेकर सीटू यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स ने दो दिवसीय हड़ताल का आह्वान किया है. (नीचे भी पढ़ें)
गौरतलब है कि केंद्र सरकार संसद के शीतकालीन सत्र में बैंकिंग अधिनियम में संशोधन कर देश के सार्वजनिक क्षेत्रों के बैंकों को निजी घरानों के हवाले करने की तैयारी कर रही है. जिसकी घोषणा संसद के पिछले बजट सत्र मे वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण कर चुकी हैं. इसके पहले सरकार ने 29 राष्ट्रीयकृत बैंकों में से कुछ प्रमुख बैंकों का एकीकरण कर दिया, जिसके बाद अब केवल 12 सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक ही अस्तित्व में रह गए हैं. अब सरकार इन बचे हुए सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को निजी पूंजीपतियों के हवाले कर जनता की गाढी कमाई के बचतों को दांव पर लगा रही है. आज से 51 साल पहले वर्ष 1969 में बैंकों का राष्ट्रीयकरण किया गया था. जिसके बाद सच मायने में बैंकिंग सेवा ने देश की जनता के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की और सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकों की शाखाएं खोलने से देश में कृषि का भी विकास हुआ. इतना ही नहीं सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की जमा पूंजी में भी भारी इजाफा हुआ. यदि बड़े पैमाने पर कारपोरेट घरानों के बैंक लोन को राइट ऑफ करने और बड़े आर्थिक खिलाड़ियों द्वारा बैंक की बड़ी भारी राशि डकार लिए जाने जिसे अब एनपीए कहा जा रहा है को सरकारी संरक्षण नहीं रहता तो सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक जो अभी भी हमारी अर्थव्यवस्था की रीढ है और ज्यादा योगदान दे सकते थे.





