
जमशेदपुर : देश के पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की 97 वीं जयंती के मौके पर पूरा राष्ट्र उन्हें अपने-अपने तरीके से नमन कर रहा है. देशभर में उनकी स्मृति में कई कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं जहां पूर्व प्रधानमंत्री को याद कर उनके बताए आदर्शों पर चलने की प्रेरणा ले रहे हैं. झारखंड के जमशेदपुर में सामाजिक अटल विचार मंच की ओर से पूर्व प्रधानमंत्री की याद में एक कार्यशाला सह सम्मान समारोह का आयोजन किया गया, इसमें सभी जाति, धर्म संप्रदाय और राजनीतिक दलों के लोगों ने शिरकत की. इसमें राज्य के पूर्व मंत्री और वर्तमान में जमशेदपुर पूर्वी के विधायक सरयू राय ने भी शिरकत की. (नीचे देखे पूरी खबर)

इस अवसर पर जनसंघ काल से जुड़े एवं वाजपेयी के विचारों के साथ प्रतिबद्ध अभिभावकों एवं मातृ शक्ति काफी संख्या में उपस्थित हुईं. इनमें उर्मिला देसाई, जय नारायण सिंह, मनमोहन चौधरी, समाजसेवी डॉ पुष्कर बाला, इस्पात मेल के सम्पादक ब्रजभूषण सिंह, समाजसेवी शिव शंकर सिंह, चंदा सिंह, लता सिन्हा, डॉ रेणुका चौधरी, भाजपा के वरिष्ट नेता शैलेन्द्र सिंह, डॉ हरप्रीत कौर, हरेंद्र सिंह ने अपनी विशिष्ट उपस्थिति दर्ज करायी. मुख्य अतिथि सरयू राय ने कहा कि अटल जी महामना मदन मोहन मालवीय की प्रतिमूर्ति थे और आज महामना की भी जयंती है. उनके बताये हुए रास्ते पर अटल जी आगे बढ़े, अटल जी 1947 में संघ के स्वयसेवक बने, अटल पहले ऐसे राजनयिक थे जिन्होंने संयुक्त राष्ट्र संघ में हिंदी में अपना भाषण किया, पड़ोसी देशों के साथ सम्बंध बेहतर हो इसके लिए उन्होंने हर संभव प्रयास किया. उन्होंने समरसता ,समता और सर्व स्पर्शी का पाठ पढ़ाया. वे समतामूलक समाज के जबरदस्त पैरवीकार थे, राष्ट्रभक्ति का परम भाव उनके ह्रदय में सदैव विद्यमान रहा, अटल जी के विचारों को आत्मसात कर, उन्हें खुद में महसूस कर देश हित में कार्य करने की आज के राजनेताओं को आवश्यकता है. (नीचे देखे पूरी खबर)

संस्थापक श्री काले ने कहा कि मेरे सामाजिक जीवन की प्रेरणास्रोत थे अटल बिहारी वाजपेयी. मैंने अगर सार्वजनिक जीवन में आने का फैसला किया तो उसकी मुख्य वजह थे अटल जी. मैं उनके विचारों से, उनके आदर्शों से, उनके व्यक्तित्व से इतना प्रभावित हुआ कि उसे शब्दों में बयान नहीं कर सकता, मतभेद और मनभेद के बीच का अन्तर को परिभाषित करती उनकी विशिष्ट शैली का पूरा भारतीय राजनीति जगत प्रशंसक रहा है. प्रत्येक दल में उनके चाहने वाले रहें हैं और आज भी हैं उनको राजनीति का संत कहा जाता है, उनके लिए देश पहले था दल नहीं यही वजह थी कि वे दल के साथ दिल की भी बात करते थे, आज की वर्तमान परिस्थिति में उनके जैसे राजनीतिज्ञ की कमी खलती है, सही मायने में अटल, अटल थे अपने विचारों में, अपने शब्दों में और अपने कार्यों में. इस अवसर पर अटल जी को अपनी श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए जय नारायण सिंह ने कहा कि अटल जी को याद करना उनको अपनी श्रद्धा सुमन अर्पित करना खुद ही सम्मान की बात है, अटल जी अपने नाम के अनुरूप ही अटल व्यक्तिव के स्वामी थे. कार्यक्रम के दौरान सामाजिक कार्य करने वाली महिलाओं एवं जनसंघ काल के अनेक वरीय कार्यकर्ताओं को शाल एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया. सम्मानित होने वाले जनसंघ काल के वरीय कार्यकर्ताओं में मनोरंजन ओझा, जोगिंदर सिंह, हरिवंश सिंह, चिंतामणि पांडे, बीएन सिंह, सांवर लाल शर्मा, इन्द्रदेव दूबे, बृज राज मिश्रा,हरेंद्र पांडे, संत लाल पाठक, रामकेवल, धर्मनाथ शर्मा, नकुल शर्मा, त्रिलोचन सिंह, रामाशीष पांडे शामिल थे. मुख्य रूप से उपस्थित हुए सामाजिक था महिला कल्याण कार्यों में अपनी अहम भूमिका के लिए लता सिन्हा, मिष्टु सोना, डी मनी, सीमा दास,कंचन सिंह, आशा सिंह, सुभद्रा कुमारी,प्रभा शर्मा, मीना प्रसाद, प्रीति श्रीवास्तव,राज कुमारी,आभा वर्मा,रुपा देवी, रीना देवी,रेणु पांडे,सोनी, सुखविंदर, शकुंतला शर्मा, अमरजीत, काकोली मुखर्जी, रीता देवी, मुनमुन चक्रवर्ती, कोमल ठाकुर, तृप्ति दास,मोना देवी, ब्यूटी तिवारी,फुलमणी सोरेन, ममता सिंह, वंदना नामता, आरती मुखी, रीतिका श्रीवास्तव, नीतू दुबे,आभा वर्मा, रीता देवी, संध्या रानी महतो, पूनम सिन्हा, अनिता श्रीवास्तव, निवेदिता श्रीवास्तव, सुलोचना देवी, ललिता देवी,रुपा देवी,रितु देवी, लख्खी कौर, कमलजीत कौर,रेनू दास, ममता पूष्टी, उर्मिला नंद, रानी कौर, रीना सोना,राजपति देवी,प्रभा पारिया, पुष्कर बाला, राजेन्द्र कौर, रुक्मिणी साव, हेमलता,उषा भुइंया, ममता बेहरा, सिवानी दता,सोनी सिंह,कुलमणि सोरेन,किरन सिंह, श्वेता सिंह,शीलू सिंह, अर्चना सिंह,नीता सिंह, सरोजिनी सिंह, पूनम सिंह, संगीता सिंह,इंदू सिंह,वीभा सिंह,चंदा सिंह, सुनिता शर्मा, अश्विनी प्रसाद, डिंपल प्रसाद,करिश्मा वर्मा, अरविंदर कौर,चंदा सिंह,अमरिता सिंह, पिंकी सिंह, संगीता सिंह, सुमन सिंह,लक्ष्मी सिंह,बेबी सिंह आदि को सम्मानित किया गया. कार्यक्रम में मंच का संचालन डीडी त्रिपाठी व धन्यावाद ज्ञापन बृजभूषण सिंह ने किया.



