गढ़वा: भारत सरकार के कृषि एवं कल्याण मंत्रालय के द्वारा गठित इंटर मिनिस्ट्रियल सेंट्रल टीम (आईएमसीटी) समिति के सदस्य सुखाड़ का आकलन करने गढ़वा पहुंची. टीम ने गढ़वा प्रखंड के तीन पंचायत कल्याणपुर, लोटो एवं तीसरटेटूका पंचायत के कोटाम का निरीक्षण किया. सुखाड़ का आकलन करने पहुंची केंद्रीय टीम ने किसानों से बात कर सुखाड़ के नुकसान का जायजा लिया. केंद्रीय टीम के सदस्य तीनों प्रखंड में पहुंचकर किसानों से बातचीत की.साथ ही खरीफ फसल के उत्पादन में पिछले वर्ष एवं वर्तमान वर्ष के बारे में पूछताछ की. (नीचे भी पढ़े)

वहीं इसका आकलन रिपोर्ट सरकार को सौपेंगी. जिससे किसानों के नुकसान का भुगतान हो सके.किसानों ने बताया कि अल्पवृष्टि के कारण इस वर्ष सूखा का सामना करना पड़ा. किसान सुखाड़ से निपटने के लिए चिंतित हैं. निरीक्षण के दौरान टीम ने किसानों के खेती के तौर-तरीकों और उनकी समस्याओं को जाना. टीम में सीडब्ल्यूसी रांची के डायरेक्टर प्रमोद नारायण, डिप्टी डायरेक्टर महेश कुमार एवं सेंट्रल ग्रीन एनालाइसिस लैबोरेट्री असिस्टेंट डायरेक्टर बृजमोहन सिंह केन्द्रीय स्तर केजबकि राज्य स्तर से 2 सदस्य असीम रंजन एक्का, उप निदेशक कृषि यांत्रिकी एवं मुकेश गागराई, सहायक निदेशक पौधा संरक्षण उपस्थित थे.(नीचे भी पढ़े)
स्थिति का आकलन करते हुए टीम में शामिल असीम रंजन एक्का ने बताया कि सुखाड़ के कारण गढ़वा जिले की स्थिति बहुत खराब है. कृषि विभाग गढ़वा एवं जिले के किसानों द्वारा दी गयी जानकारी सत्य है. किसानों की खरीफ फसल में काफी नुकसान हुआ है. इसकी जानकारी केंद्र को दी जाएगी. जिसके आधार पर केंद्र मुआवजा की राशि तय करेगा.




