जमशेदपुर : पूर्वी सिंहभूम पूर्व सैनिक सेवा परिषद् एवं सैल्यूट तिरंगा झारखंड की ओर से कारगिल विजय दिवस के उपलक्ष्य में रविवार को सैनिक शौर्य सम्मान सह प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन हुआ. साकची राजेंद्र विद्यालय ऑडिटोरियम में आयोजित समारोह में सैल्यूट तिरंगा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश झा मुख्य अतिथि एवं एनएसजी कमांडो सह दिल्ली के पूर्व विधायक सुरेंद्र सिंह विशिष्ट अतिथि रहे. वहीं झारखंड़ भाजपा के व्यावसायिक प्रकोष्ठ के संयोजक नीरज सिंह, स्थानीय यूनिट 220 फील्ड रेजिमेंट के सूबेदार अनार सिंह, ब्रिगेडियर रणविजय सिंह जिलाध्यक्ष वेटरन बृजकिशोर सिंह, भाजपा जमशेदपुर महानगर के अध्यक्ष गुंजन यादव, सैल्यूट तिरंगा झारखण्ड के अध्यक्ष रंजन चौधरी, वरिष्ठ राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रमोद मिश्रा सम्मानित अतिथि के रूप में उपस्थित रहे.(नीचे भी पढ़ें)

कार्यक्रम की शुरुआत भारत माता की तस्वीर पर माल्यार्पण एवं अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन के बाद सामूहिक राष्ट्रगान के साथ हुई. कार्यक्रम के संयोजक नीरज सिंह ने कहा कि जो सैनिक युद्ध के मैदान में लड़ते हुए वीरगति को प्राप्त होते हैं वे कभी मरते नहीं एवं उनके द्वारा किये कार्य और देश की सुरक्षा में दिए योगदान के कारण उनका इतिहास स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाता है. कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि एन.एस.जी कमांडो सह पूर्व विधायक सुरेंद्र सिंह ने अपने संबोधन में अपने कार्यकाल में भारत में हुई आतंकी घटनाओं का जिक्र करते हुए 26/11 मुंबई ताज होटल अटैक के दौरान की आपबीती घटना सुनाई.(नीचे भी पढ़ें)

हालांकि तत्कालीन मनमोहन सिंह सरकार को आड़े हाथों लेते हुए सुरेंद्र सिंह ने कहा कि चोटिल होने के कारण उन्हें मेडिकल लीव पर भेज दिया गया. लेकिन उसके बाद कई महीनों तक उन्हें न पेंशन मिली और न ही उनका इलाज कराया गया. इसके बाद उन्होंने मीडिया में आकर सारी घटना सुनाई, इसके बाद 5 महीने बाद उन्हें पेंशन मिली. उन्होंने कहा कि असली हीरो देश के सामने नहीं आ पाते कुछ गलत लोगों के राजनीति में होने के कारण. उन्होंने कहा कि फिल्मों में गोलियां चलतीं है, हम देखकर बहुत आनंदित होते हैं मगर सच में ऐसा नहीं होता.(नीचे भी पढ़ें)

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सैल्यूट तिरंगा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश झा ने लोगों को सैल्यूट तिरंगा संगठन के बारे में जानकारी दी उन्होंने बताया कि सैल्यूट तिरंगा आज जम्मू-कश्मीर में जो लोग सेना के जवानों पर पत्थर चलाते थे आज उन्हीं लोगों ने सैल्यूट तिरंगा के माध्यम से हाथों में तिरंगा पकड़ा है और भारत माता की जयकार के साथ साथ मुख्य धारा में जुड़ रहे हैं. वहीं सैल्यूट तिरंगा बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ और महिलाओं को सशक्त बनाने के क्षेत्र में काम करता है. सैल्यूट तिरंगा द्वारा 6 साल से 12 वीं तक की बेटियों को आत्मरक्षा की ट्रेनिंग दी जा रही है. इसकी कुछ राज्यों में शुरुआत की गयी है और जल्द ही पूरे देश में ये ट्रेनिंग दी जाएगी.(नीचे भी पढ़ें)
इस कार्यक्रम में देश के लिए अपने पति या पुत्र को खोनेवाली महिलाओं को सम्मानित भी किया गया. इनमें शहीद गणेश हांसदा के माता पिता एवं भाई, शहीद किशन दुबे की माता एवं भाई, शहीद लेफ्टिनेंट कमांडर मनोरंजन के पिता, शहीद मनोज कुमार की पत्नी सुनीता एवं पिता, शहीद श्रीनिवास की पत्नी पद्मा राव, शहीद जितेंद्र कुमार की पत्नी दुर्गावती देवी, शहीद मनोहर कुंकल की पत्नी शोभा कुंकल, लेफ्टिनेंट कमांडर ए आर बासु के परिवार के लोग शामिल थे. इनके अलावा समाज में अपनी अहम भूमिका निभाने वाले रेड क्रॉस के मानद सचिव विजय सिंह समेत अन्य कई लोगों को भी सम्मानित किया गया. वहीँ कार्यक्रम के दौरान सैल्यूट तिरंगा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश झा ने संगठन का झारखण्ड में विस्तार करते हुए नीरज सिंह को राष्ट्रीय सचिव, पूर्व नौसैनिक सुशील कुमार सिंह को प्रदेश संगठन महामंत्री एवं पूर्व नौ सैनिक राजीव रंजन सिंह को प्रदेश उपाध्यक्ष मनोनीत किया गया.




