जमशेदपुर : लौहनगरी जमशेदपुर में कानून का इकबाल खत्म होता नजर आ रहा है. शहर में एक तरफ मजदूर अपने हक की आवाज उठा रहे हैं, तो दूसरी तरफ उन आवाजों को कुचलने के लिए सरेआम जानलेवा हमले किए जा रहे हैं. ताजा मामला बर्मामाइंस क्षेत्र का है, जहां जमशेदपुर लोकल ट्रेलर ओनर यूनियन के अध्यक्ष जयकिशोर सिंह पर हमलावरों ने लाठी-डंडों से जानलेवा हमला कर दिया. 11 फरवरी को ड्राइवरों के उचित मानदेय की मांग को लेकर ‘चक्का जाम’ प्रस्तावित है. इस आंदोलन को नेतृत्व कर रहे जयकिशोर सिंह पर यह हमला ठीक उसी समय हुआ जब वे यूनियन कार्यालय के पास थे. वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे हमलावर बेखौफ होकर लाठियां बरसा रहे हैं. (नीचे भी पढ़ें)
जयकिशोर सिंह ने सीधे तौर पर कंपनी के पदाधिकारी अजीत वर्मा और कंपनी के कुछ वेंडरों पर आरोप लगाया है. उनका कहना है कि यह हमला पूरी तरह से सुनियोजित था. आंदोलन को कमजोर करने और ड्राइवरों को डराने के लिए यह खूनी खेल खेला गया. हमलावरों ने उन्हें घेरकर बुरी तरह पीटा. अब इस मामले को लेकर साफ तौर पर प्रशासन पर सवाल उठ रहा है. इस घटना ने जमशेदपुर पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. एसएसपी साहब, क्या शहर में अब उद्योगों के बीच पनप रहे विवादों का निपटारा सड़कों पर मारपीट से होगा? औद्योगिक क्षेत्र में सरेआम लोग हमला करते हैं और पुलिस को भनक तक नहीं लगती?








