रामगोपाल जेना / चक्रधरपुर : चक्रधरपुर प्रखंड कार्यालय परिसर के जर्जर सरकारी आवास भवन इन दिनों चिंता का विषय बना हुआ हैं. स्थानीय लोगों के अनुसार, इन खाली और खस्ताहाल क्वार्टरों में कुछ स्कूली बच्चे डेंड्रराइट का सेवन करते देखे जा रहे हैं, जिससे इलाके में हड़कंप है. प्रखंड कार्यालय के पुराने और परित्यक्त सरकारी आवास लंबे समय से मरम्मत के अभाव में खंडहर में तब्दील हो चुके हैं. सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने के कारण असामाजिक तत्वों और नाबालिग बच्चों की आवाजाही बढ़ गयी है. स्थानीय लोगों का कहना है कि स्कूल समय के बाद कुछ बच्चे यहां इकट्ठा होकर नशे का सेवन करते हैं. अंचल कॉलोनी स्थित स्कूल की प्रधानाध्यापिका और शिक्षिका ने इस पर गहरी चिंता जताई है. उनका कहना है कि कुछ बच्चे पढ़ाई से भटक रहे हैं और नशे की चपेट में आने का खतरा बढ़ रहा है. स्कूल प्रबंधन ने अभिभावकों से भी सतर्क रहने की अपील की है. (नीचे भी पढे़ं)
स्थानीय नागरिकों और अभिभावकों ने प्रशासन से मांग की है कि जर्जर भवनों को तत्काल सील या ध्वस्त किया जाए. परिसर में नियमित गश्ती और सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई जाए. नाबालिगों में नशाखोरी रोकने के लिए जागरूकता अभियान चलाया जाए. यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो यह समस्या गंभीर सामाजिक संकट का रूप ले सकती है. इलाके के लोगों ने प्रशासन से त्वरित हस्तक्षेप की मांग की है, ताकि बच्चों का भविष्य सुरक्षित रह सके.








