जमशेदपुर : ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच हो रहे युद्ध के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में फंसे जहाजों को लेकर पूरी दुनिया चिंतित है. हालांकि, एलपीजी टैंकरवाले भारत के दो जहाज उसी रास्ते स्वदेश वापस लौट रहे हैं. इनमें से एक जहाज शिवालिक पर अंश त्रिपाठी सवार हैं, जो जहाज के सेकंड इंजीनियर हैं. अंश झारखंड के जमशेदपुर के रहने वाले हैं. युद्ध के बीच फंसे होने से उनके माता-पिता काफी परेशान थे. हालांकि भारत वापसी की खबर से फिलहाल उन्होंने राहत की सांस ली है. (नीचे भी पढ़ें)

शिवालिक पर सेकंड इंजीनियर अंश त्रिपाठी जहाज के तकनीकी संचालक को मॉनिटर कर रहे हैं. युद्ध के माहौल में, अंश के माता-पिता संकटग्रस्त क्षेत्र से अपने बेटे की सुरक्षित वापसी का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. अंश त्रिपाठी का परिवार जमशेदपुर में पारडीह काली मंदिर के पास एक सोसाइटी में रहता है. जमशेदपुर में अपनी स्कूली पढ़ाई पूरी करने के बाद, अंश ने बीआइटी से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की डिग्री ली जिसके बाद केरल के कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड से मरीन इंजीनियरिंग की पढ़ाई की. इसके बाद उन्होंने श्रीलंका से जहाज पर अपने करियर की शुरुआत की. फिलहाल अंश अपने साथी क्रू सदस्यों के साथ युद्ध के बीच शिवालिक पर सवार होकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से लौट रहे हैं. उनके माता-पिता अपने बेटे के सुरक्षित घर वापसी का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. (नीचे भी पढ़ें)

अंश त्रिपाठी के पिता मिथिलेश त्रिपाठी ने एयरफोर्स से सेवा निवृत्ति के बाद यूसीआइएल में योगदान किया था. अब वे वहां से भी रिटायर हो चुके हैं. जबकि उनकी मां चंदा त्रिपाठी एक स्कूल टीचर हैं. अंश त्रिपाठी की पत्नी, चंदा, टाटा स्टील में चार्टर्ड अकाउंटेंट के तौर पर काम करती हैं. उनका डेढ़ साल का एक बेटा भी है. इन दिनों अंश के माता-पिता टीवी के सामने बैठे लगातार खबरों पर नजर रखते हैं. उन्हें बस इस संदेश का इंतजार है कि जहाज शिवालिक सुरक्षित भारत लौट आया है. (नीचे भी पढ़ें)

भावुक होते हुए अंश त्रिपाठी की मां चंदा देवी ने बताया कि मौजूदा हालात ने उन्हें बहुत डरा दिया है. “हमारे बेटे ने हमें एक विडियो भेजी जिसमें हमने देखा कि एक मिसाइल सीधे उसके जहाज के ऊपर से गुजर रही थी. यह देखकर मन काफी विचलित हुआ. लेकिन, हमें भगवान और भारत सरकार पर पूरा भरोसा है. हमारा भरोसा सही भी साबित हुआ है, क्योंकि आज प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री की पहल की बदौलत शिवालिक होर्मुज से लौट रहा है. अब, हम बस अपने बेटे का इंतजार कर रहे हैं. अंश के पिता का कहना है कि उन्हें पता है कि युद्ध क्यों होता है और युद्ध में किस तरह से काम किए जाते हैं. मौजूदा हालात को देखते हुए, वे चिंतित महसूस करते हैं और उनका मन घबरा रहा है. (नीचे भी पढ़ें)
उन्होंने कुछ दिन पहले ही व्हाट्सएप कॉल के जरिए अपने बेटे से बात की थी. उन्होंने कहा कि “सिर्फ उसकी आवाज सुनकर ही मुझे राहत मिलती है. हालांकि, पिछले कुछ दिनों से उनकी अपने बेटे से बिल्कुल भी बात नहीं हो पाई है. सिर्फ खबरों से पता चल रहा है कि शिवालिक, अभी एक गैस टैंकर लेकर भारत लौट रहा है. वे कहते हैं, “मुझे इस बात पर बहुत गर्व है कि मेरे बेटे ने वह कर दिखाया जो मैं खुद नहीं कर पाया.”




