टेस्ला और स्पेस एक्स के मामलिक एलन मस्क ने एआइ के भविष्य के संबंध में एक चौंकाने वाला खुलासा किया है. मस्क ने कैलिफोर्निया की अदालत में एआइ के भविष्य को लेकर गंभीर चेतावनियां दी हैं. उनका कहना है कि एआइ या तो इंसानियत का सबसे बड़ा हथियार बन सकता है या फिर उसके लिए सबसे बड़ा खतरा भी हो सकता है. ओपन एआइ के साथ चल रही कानूनी लड़ाई के दौरान गवाही देते हुए टेस्ला और स्पेस एक्स के मालिक एलन मस्क ने कहा कि यह टेक्नोलॉजी बहुत तेजी से आगे बढ़ रही है और दुनिया को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि यह हमें किस दिशा में ले जा रही है. आधुनिक एआइ सिस्टम के बारे में बात करते हुए मस्क ने अदालत से कहा कि यह हम सभी की जान ले सकता है. इतना ही नहीं, मस्क ने कहा कि इंसानियत को ‘टर्मिनेटर’ फिल्म जैसे किसी बुरे भविष्य से बचना चाहिए और इसके बजाय ‘स्टार ट्रेक’ से प्रेरित होकर अच्छी उम्मीदों से भरे भविष्य की ओर बढ़ना चाहिए. मस्क का कहना है कि हम टर्मिनेटर (साइंस-फिक्शन फिल्म) जैसा नतीजा नहीं चाहते. हम जीन रॉडेनबेरी जैसा नतीजा चाहते हैं, जैसा कि स्टार ट्रेक (पॉपुलर साइंस-फिक्शन सीरीज) में होता है. जेम्स कैमरन की फिल्म टर्मिनेटर जैसा बिल्कुल नहीं. बता दें कि मस्क ने ये बातें हाई-स्टेक्स मुकदमे के दौरान कही हैं. (नीचे भी पढ़ें)
दरअसल, मस्क और सैम ऑल्टमैन के बीच कानूनी लड़ाई चल रही है. मस्क का दावा है कि ओपनएआइ अपने मूल नॉन-प्रॉफिट मिशन से भटक गई है, जिसका मकसद इंसानियत की भलाई के लिए एआइ बनाना था और इसके बजाय वह कॉमर्शियल सफलता की ओर मुड़ गई है. ओपन एआइ ने इन दावों को खारिज कर दिया है. अपनी गवाही के दौरान एलन मस्क ने कहा कि एआइ को लेकर उनके डर नए नहीं हैं. उन्होंने कोर्ट को बताया कि ये डर 2015 की गर्मियों में गूगल के को-फाउंडर लैरी पेज के साथ हुई एक बातचीत से जुड़े हैं. मस्क के अनुसार, पेज का मानना था कि एआइ एक तरह का आदर्श समाज बनाएगा. मस्क ने कहा कि इस जवाब ने उन्हें चिंतित कर दिया, क्योंकि उन्हें लगा कि इससे जुड़े जोखिमों को नजरअंदाज किया जा रहा है. (नीचे भी पढ़ें)
मस्क की गवाही में कानूनी दलीलों के साथ-साथ भविष्य को लेकर उनकी बड़ी सोच की झलक भी दिख रही थी. मस्क ने न्यूरालिंक के बारे में भी बात की. उन्होंने कहा कि इसका एक मकसद AI की सुरक्षा सुनिश्चित करना है. उन्होंने सुझाव दिया कि अगर इंसान सीधे तौर पर बुद्धिमान मशीनों से जुड़ पाएं, तो इससे लोगों और एआइ के बीच एक बेहतर संतुलन बन सकता है.मस्क ने कहा कि अगर एआइ और इंसान के बीच तालमेल बिठा पाएंगे, तो ऐसा एआइ बना सकते हैं जो पूरी इंसानियत के लिए फायदेमंद हो. मस्क की इन बातों को देखकर साफ लग रहा है कि एआइ के भविष्य को लेकर काफी सावधान होने की जरूरत है, ताकि एआइ इंसानों के लिए खतरा नहीं, वरदान बन सके.




