जमशेदपुर : टाटा स्टील यूआइएसएल कंपनी की अधीकृत यूनियन टाटा स्टील यूटिलिटीज व सर्विसेज श्रमिक यूनियन (पहले जुस्को श्रमिक यूनियन) का चुनाव को लेकर बुलायी गयी कमेटी मीटिंग में सोमवार को जमकर हंगामा हुआ. इस दौरान यूनियन के अध्यक्ष रघुनाथ पांडेय का विरोध हो गया. हालात यह रहा कि 23 कमेटी मेंबरों में से 18 से अधिक कमेटी मेंबर उनके खिलाफ ही नारेबाजी करने लगे. दरअसल, सोमवार को टाटा स्टील यूटिलिटीज व सर्विसेज श्रमिक यूनियन के बिष्टुपुर स्थित कार्यालय में कमेटी मीटिंग बुलायी गयी थी. इस कमेटी मीटिंग के दौरान एजेंडा के तहत दिवंगत लोगों को श्रद्घांजलि दी गयी. इसके बाद पिछले मीटिंग के मिनट्स को पढ़कर सुनाया गया. (नीचे भी पढ़ें)
इसके बाद अध्यक्ष रघुनाथ पांडेय ने आगे के किसी भी एजेंडा पर कोई कार्रवाई नहीं करते हुए सीधे लोगों को कहा कि वे लोग रजिस्टर में साइन कर दें. इसके बाद कमेटी मेंबरों ने विरोध शुरू कर दिया. यूनियन के कोषाध्यक्ष गोपाल जायसवाल, मनीष दुबे समेत अन्य लोगों ने हंगामा कर दिया कि आखिर कैसे बिना एजेंडा पर चर्चा किये साइन कराया जा रहा है. एजेंडा पर चर्चा करने की मांग की. लेकिन ऐसा नहीं हुआ. बताया जाता है कि यूनियन अध्यक्ष रघुनाथ पांडेय चाहते थे कि चुनाव पदाधिकारी के तौर पर टाटा वर्कर्स यूनियन के पूर्व सहायक सचिव सीएस झा और टाटा स्टील कोल्ड रोलिंग मिल से यूनियन के कमेटी मेंबर अश्विनी माथन को चुनाव पदाधिकारी बनाया जाये और चुनाव करा लिया जाये. 26 मई को एजीएम कराने और चुनाव कराने की तैयारी है. लेकिन एकतरफा फैसले लेने का विरोध सारे लोगों ने किया. (नीचे भी पढ़ें)
हंगामा इतना हुआ कि अध्यक्ष रघुनाथ पांडेय को मीटिंग छोड़कर जाना पड़ा. वे एक कमरे में बैठ गये. इसके बाद एसआरटी को बुलाया गया. लेकिन कोई हिला नहीं. अध्यक्ष रघुनाथ पांडेय महासचिव सीडीएस कृष्णा, कार्यकारी अध्यक्ष अमरनाथ तिवारी, दिेनेश महतो के साथ मंत्रणा करते रहे. इसके बाद कमेटी मीटिंग बंद हो गया. इस बारे में रघुनाथ पांडेय से अधिकारिक बयान लेने का प्रयास किया गया, लेकिन वे उपलब्ध नहीं हो सके है. जैसे ही वे उपलब्ध होंगे, उनका बयान लगाया जायेगा. रघुनाथ पांडेय के विरोधियों का कहना है कि वे लोग बाहरी लोगों का हस्तक्षेप नहीं चाहते है. कंपनी के कर्मचारी ही यूनियन के पदाधिकारी और चुनाव पदाधिकारी बने.











