जमशेदपुर : संत प्रवर श्री विज्ञान देव जी महाराज के पावन जन्मोत्सव के अवसर पर विहंगम योग टाटा संत समाज एवं आदित्यपुर संत समाज के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित रक्तदान शिविर में कुल 102 यूनिट रक्त संग्रह किया गया. इस आयोजन के माध्यम से आध्यात्मिक चेतना, सामाजिक उत्तरदायित्व और मानव सेवा का प्रेरणादायक संदेश दिया गया. विहंगम योग संत समाज द्वारा संत प्रवर श्री विज्ञान देव जी महाराज के जन्मोत्सव के अवसर पर प्रतिवर्ष रक्तदान सेवा अभियान आयोजित किया जाता है. इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए टाटा संत समाज एवं आदित्यपुर संत समाज ने संयुक्त रूप से रक्तदान शिविर का आयोजन किया. इस पहल का उद्देश्य जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्त की उपलब्धता में योगदान देना तथा आम लोगों को स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति जागरूक करना था. शिविर में रक्तदाताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए मानव कल्याण के इस पुनीत कार्य में अपना योगदान दिया. रक्तदाताओं का उत्साह बढ़ाने एवं उनके सेवा भाव का सम्मान करने के उद्देश्य से उन्हें च्यवनप्राश एवं प्रशस्ति प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए. (नीचे भी पढ़ें)

आयोजन के दौरान उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों ने रक्तदाताओं की सराहना करते हुए कहा कि रक्तदान केवल एक सामाजिक दायित्व नहीं, बल्कि किसी जरूरतमंद को नया जीवन देने का महान माध्यम है. कार्यक्रम में गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डर सह हॉकी सरायकेला के जिला सचिव अमित मोदक, समाजसेवी शिवशंकर सिंह, नगीना सिंह, डॉ. डी. पी. शुक्ला, कन्हैया लाल अग्रवाल, जिला परिषद सदस्य पिंकी मंडल, भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष उदय सिंह देव, अंतरराष्ट्रीय खो-खो कोच अखिलेश्वर प्रसाद, खो-खो के राष्ट्रीय रेफरी सुरेश नारायण चौधरी, प्रणय रॉय, विश्व हिंदू परिषद की प्रांत बाल संस्कार प्रमुख सविता कुमारी, जमशेदपुर महानगर विश्व हिंदू परिषद के जिला मंत्री चंद्रिका भगत, कांग्रेस नेता रायिस रिजवी, जुगसलाई नगर निगम के कार्यपालक पदाधिकारी संदीप पासवान, रेड क्रॉस के वाइस पैट्रन डी. के. घोष, टाटा संत समाज के समन्वयक नीरज मिश्रा, रवि सिंह, निशांत शर्मा, मुकेश तिवारी एवं शंभू पंडित सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे. इस अवसर पर उपस्थित अतिथियों ने कहा कि रक्तदान मानवता की सेवा का सर्वोत्तम उदाहरण है. (नीचे भी पढ़ें)
रक्त की आवश्यकता किसी भी व्यक्ति को कभी भी पड़ सकती है. ऐसे में स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति जागरूकता फैलाना और अधिक से अधिक लोगों को इस अभियान से जोड़ना समाज की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है. रक्तदान के माध्यम से व्यक्ति बिना किसी भेदभाव के दूसरे व्यक्ति के जीवन की रक्षा में योगदान दे सकता है. वक्ताओं ने कहा कि विहंगम योग की आध्यात्मिक परंपरा में मानव कल्याण और सेवा भावना को विशेष महत्व दिया जाता है. संत प्रवर श्री विज्ञान देव जी महाराज के पावन जन्मोत्सव पर रक्तदान शिविर का आयोजन इसी सेवा भावना का परिचायक है. आध्यात्मिक साधना के साथ सामाजिक सेवा को जोड़कर समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है. शिविर में 102 यूनिट रक्त का संग्रह होना आयोजन की सफलता और रक्तदाताओं के समर्पण को दर्शाता है. विहंगम योग टाटा संत समाज एवं आदित्यपुर संत समाज की इस संयुक्त पहल की उपस्थित लोगों ने सराहना की. आयोजकों ने सभी रक्तदाताओं, अतिथियों, सहयोगियों एवं आयोजन को सफल बनाने में योगदान देने वाले लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया तथा भविष्य में भी मानव सेवा और समाज कल्याण के कार्यों को निरंतर आगे बढ़ाने का संकल्प लिया.














