जमशेदपुर : सीएसआइआर–एनएमएल के एग्रिको आवासीय परिसर में पांच दिवसीय दुर्गोत्सव का भव्य आयोजन हुआ, जिसमें मां दुर्गा की आराधना, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, प्रतियोगिताओं और पारिवारिक सहभागिता से परिसर भक्तिमय उल्लास से भर उठा. यह आयोजन धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित न रहकर सामुदायिक सद्भाव, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक एकता का संदेश भी देता रहा. परिवारों ने उत्साह पूर्वक भाग लिया, जबकि बच्चों की सक्रिय सहभागिता ने कार्यक्रमों में विशेष जीवंतता जोड़ी. विभिन्न प्रतियोगिताओं और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में प्रतिभागियों ने अपनी रचनात्मकता और प्रतिभा का प्रदर्शन किया. ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को भारतीय परंपराओं, नैतिक मूल्यों और सामूहिक जीवन से जोड़ने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. (नीचे भी पढ़ें)

अगले वर्ष स्वर्ण जयंती समारोह अतीत की उपलब्धियों को स्मरण करने, सहयोगियों और श्रद्धालुओं के योगदान को सम्मानित करने तथा भावी पीढ़ी को इस विरासत से जोड़ने का अवसर होगा. सामूहिक सहभागिता बनी आयोजन की आत्मा दुर्गोत्सव की सफलता व्यापक जनभागीदारी में निहित रही. परिवारों की उपस्थिति, बच्चों का उत्साह और सांस्कृतिक गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता ने इसे जीवंत सामुदायिक उत्सव का रूप दिया. आयोजन ने सामाजिक सौहार्द, पारिवारिक एकता और सामूहिक उत्तरदायित्व की भावना को मजबूत किया. (नीचे भी पढ़ें)

सीएसआइआर–एनएमएल आवासीय परिसर का यह दुर्गोत्सव आस्था, संस्कृति और सामुदायिक एकता का सशक्त प्रतिबिंब बना जो सुखद स्मृतियां छोड़ गया और आगामी स्वर्ण जयंती समारोह के लिए नई उमंग जगा गया. पूजा समारोह को सफल बनाने में डॉक्टर संदीप घोष चौधरी, ओ निवास राव, विल्व विशाल, डॉ कृष्ण कुमार, राजीव श्रीवास्तव, सुब्रमण्यम, डॉ अंजनी साहू, सरोज कुमार, अभिषेक कुमार, देव प्रकाश सिंह, पीपी पॉल, नवीन शर्मा, डॉ बीना कुमारी, डॉ पुरुषोत्तम कुमार, डीपी साहू इत्यादि का योगदान रहा.






